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टाटीसिल्वे डोल मेला में दर्दनाक हादसा: बेकाबू कार भीड़ में घुसी, 2 की मौत, 10 घायल 

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द फॉलोअप डेस्क

टाटीसिल्वे स्थित ऐतिहासिक डोल मेला में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। मेले में उमड़ी भारी भीड़ के बीच एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार अचानक घुस गई और लोगों को रौंदते हुए आगे बढ़ गई। इस भयावह हादसे में 12 लोग कार की चपेट में आ गए, जिनमें दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।मृतकों की पहचान 26 वर्षीय रीमा कुमारी और 65 वर्षीय भोला शर्मा के रूप में हुई है। रीमा कुमारी अनगड़ा के मिलन चौक मंझलाटोली की निवासी थीं, जबकि भोला शर्मा मासु अनगड़ा के रहने वाले थे। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा तफरी मच गई और प्रशासन ने तत्काल मेला बंद करा दिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टाटीसिल्वे में रांची पुरुलिया रोड पर नवमी के अवसर पर डोल मेला लगा हुआ था। सड़क के दोनों ओर दुकानें सजी हुई थीं और मेला देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसी दौरान अनगड़ा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही कार संख्या जेएच 05 सीपी 4627 अचानक भीड़ में घुस गई और कई लोगों को कुचलते हुए काफी दूर जाकर रुकी। हादसे के बाद वहां चीख पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोग घायलों को लेकर स्वर्णरेखा अस्पताल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने रीमा कुमारी और भोला शर्मा को मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों के अनुसार मौके पर तैनात पुलिस कार चालक को अपने साथ ले गई।

बताया जा रहा है कि रीमा कुमारी एक बाइक शोरूम में काम करती थीं। शनिवार को ड्यूटी से घर लौटते समय उन्होंने मेले से मिठाई खरीदी थी और पैदल ही घर जा रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। वहीं भोला शर्मा अपने परिवार के साथ मेला घूमने आए थे, लेकिन यह खुशी का पल अचानक मातम में बदल गया।इस दर्दनाक हादसे में तारा देवी (35), आयुष कुमार (5), रूबी देवी (40), अंशिका कुमारी (7), निषु लकड़ा (6), सुलोचना देवी (55), आकृति अंशु (5), लोखन मंडल, मुनिका देवी और रोशनी कुमारी गंभीर रूप से घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज अलग-अलग अस्पतालों में चल रहा है।हादसे के बाद मृतकों के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। उन्होंने शव के साथ सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। बाद में परिजन शव लेकर टाटीसिल्वे बैंक मोड़ पहुंच गए और खेलगांव रोड तथा पुरुलिया रोड को जाम कर दिया। परिजनों ने मृतकों के आश्रितों को मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की। प्रशासन और जिला उपायुक्त ने लोगों को समझाने की कोशिश की, जिसके बाद करीब रात 11 बजकर 30 मिनट पर लोगों ने जाम हटा लिया।स्थानीय लोगों का आरोप है कि मेला मूल रूप से केवल एक दिन यानी शुक्रवार के लिए आयोजित था, लेकिन आयोजकों ने इसे दो दिन और बढ़ा दिया। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और बैरिकेडिंग नहीं की गई, जिसके कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया।