गिरिडीह:
देवरी प्रखंड के तपसीडीह गांव में सोमवार को बिजली विभाग की कथित लापरवाही के कारण एक दर्दनाक हादसा हो गया। खेत की ओर अपने काम से जा रहे 58 वर्षीय बिगन महथा की खुली बिजली तार की चपेट में आने से मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है, जबकि ग्रामीणों में बिजली विभाग के प्रति आक्रोश है। बिगन महथा सोमवार को खेत की ओर जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में मौजूद खुली बिजली तार की चपेट में वह आ गए। करंट लगते ही वह बुरी तरह झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।

30 मिनट तक तड़पते रहे बिगन महथा
प्रत्यक्षदर्शियों का आरोप है कि घटना के बाद करीब 30 मिनट तक बिगन महथा बिजली के तार की चपेट में तड़पते और जलते रहे। आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग की ओर से तत्काल बिजली आपूर्ति बंद नहीं की गई। मृतक अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। घटना की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

कांग्रेस नेता ने विभाग पर लगाया गंभीर आरोप
कांग्रेस जिला महासचिव अनिल चौधरी ने हादसे के लिए बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराते हुए गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इलाके में खुली बिजली तार की समस्या को लेकर कई बार विभाग को सूचना दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद तार को दुरुस्त नहीं किया गया।
घटना के बाद ग्रामीणों में बेहद नाराजगी
अनिल चौधरी ने आरोप लगाया कि हादसे के दौरान उन्होंने अपनी आंखों के सामने अपने चाचा बिगन महथा को करंट की चपेट में जलते देखा। उन्होंने तत्काल बिजली विभाग के एसी को फोन कर बिजली आपूर्ति बंद करने की गुहार लगाई, लेकिन उनके अनुसार एसी ने उनसे कहा कि सीधे उन्हें फोन क्यों किया और अपने जूनियर अधिकारी से संपर्क करने को कहा। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।
ग्रामीणों ने मामले की जांच कराने, लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई करने तथा मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने की मांग की है।