द फॉलोअप डेस्क
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने सहायक पुलिस कर्मियों को एक वर्ष के लिए अनुबंध के आधार पर सेवा अवधि में विस्तार दिए जाने का आदेश दिया है। गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग अब इससे संबंधित प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद के समक्ष स्वीकृति के लिए भेजेगी। इससे राज्य में कार्यरत लगभग 2000 सहायक पुलिसकर्मियों को लाभ मिलेगा। यहां मालूम हो कि राज्य के 12 जिलों में तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के समय सहायक पुलिसकर्मियों की तीन साल की सेवा के लिए नियुक्ति की गयी थी। बाद में वर्तमान सरकार ने इनकी सेवा अवधि पूरी होने के बाद हटाने का फैसला किया था। लेकिन सहायक पुलिसकर्मियों के आंदोलन के बाद इनकी सेवा अवधि को विस्तारित की गयी। राज्य के 12 जिलों (दुमका, सिमडेगा, गुमला, खूंटी, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, गिरिडीह, पलामू, गढ़वा, चतरा, लोहरदगा और लातेहार) में कार्यरत इन सहायक पुलिसकर्मियों का कार्यकाल 8 अगस्त से 30 अगस्त 2025 के बीच समाप्त हो चुका है।

2024 में वेतन में हुई थी 3 हजार रुपए की वृद्धि
वर्ष 2024 में लंबे समय तक चले आंदोलन के बाद सहायक पुलिसकर्मियों की मांगों पर विचार किया गया था. उनका वेतन 10 हजार रुपए प्रति माह से बढ़ाकर 13 हजार रुपए कर दिया गया था. झारखंड सहायक पुलिसकर्मी एसोसिएशन के सचिव विवेकानंद गुप्ता ने कहा था कि सहायक पुलिसकर्मियों से जिला पुलिस का काम लिया जाता है, लेकिन वेतन होमगार्ड से भी कम है। इस पर भी विचार किया जाये। आधिकारिक जानकारी के अनुसार पुलिसकर्मियों की नियुक्ति के लिए निकाले गए विज्ञापन को पिछले दिनों रद्द कर दिया गया था। इस कारण भी वर्तमान में इन सहायक पुलिसकर्मियों को सेवा से न हटाने की सरकार के समक्ष मजबूरी थी।
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