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चर्च में आधी रात हुआ खूनी हमला, 38 लोगों की हत्या

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द फॉलोअप डेस्क
डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के इतुरी प्रांत के कोमान्डा कस्बे में रविवार रात एक कैथोलिक चर्च पर हुए हमले में कम से कम 38 लोगों की जान चली गई। हमलावरों ने कई घरों और दुकानों में आग भी लगा दी। यह हमला इतुरी में लगातार हो रहे हिंसक घटनाओं की ताजा कड़ी है, जिसकी जिम्मेदारी इस्लामिक स्टेट से संबद्ध विद्रोही संगठन एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्सेस (ADF) पर डाली जा रही है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, हमला देर रात करीब 1 बजे हुआ, जब लोग चर्च में मौजूद थे। हथियारों और माचेटी से लैस हमलावरों ने चर्च में घुसकर अंधाधुंध हमला किया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुछ शवों को जला भी दिया गया।


स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
स्थानीय नेता दीदॉने ड्रंटानथाबो ने घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा, “सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद इतना बड़ा हमला होना चिंताजनक है। कई लोग जान बचाकर बुनिया की ओर भाग रहे हैं।” उन्होंने हमलावरों के खिलाफ त्वरित सैन्य कार्रवाई की मांग की है, क्योंकि हमले के बाद भी ADF के लड़ाके क्षेत्र में सक्रिय बताए जा रहे हैं। ADF की स्थापना 1990 के दशक में युगांडा में हुई थी, लेकिन 2000 के दशक में इसने कांगो के पूर्वी हिस्सों में अपनी गतिविधियां तेज कर दीं। 2019 से यह संगठन इस्लामिक स्टेट (ISIS) से जुड़ा हुआ माना जाता है। ADF विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों, धार्मिक स्थलों, स्कूलों और बाजारों को निशाना बनाता रहा है।


लगातार हो रहे हमले, डर का माहौल
इसी महीने की शुरुआत में इतुरी प्रांत में ADF द्वारा किए गए एक अन्य हमले में 66 से अधिक लोगों की जान गई थी। उस घटना को संयुक्त राष्ट्र ने “रक्तस्नान” (Bloodbath) की संज्ञा दी थी। लगातार हो रहे इन हमलों ने क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। कांगो की सेना पहले से ही देश के पूर्वी हिस्से में सक्रिय एम23 विद्रोही गुट से जूझ रही है। ऐसे में ADF जैसे आतंकवादी संगठनों से निपटना सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हालिया घटनाएं सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर खामियों की ओर इशारा करती हैं।


आतंकी घोषित संगठन
ADF को पहले ही अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र द्वारा आतंकवादी संगठन घोषित किया जा चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस संकट से निपटने के लिए कांगो सरकार को अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खुफिया जानकारी साझा करने और ठोस रणनीतिक कार्रवाई की आवश्यकता है।