द फॉलोअप डेस्क
पाकिस्तान को मंगलवार, 1 जुलाई, 2025 से जुलाई महीने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता मिल गई है। यह अध्यक्षता परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में पाकिस्तान के दो साल के कार्यकाल का हिस्सा है, जो जनवरी 2025 में शुरू हुआ था। पाकिस्तान को UNSC में अस्थायी सदस्य बनने के लिए 193 में से 182 वोट मिले थे। परिषद की अध्यक्षता इसके 15 सदस्य देशों के बीच वर्णानुक्रम (अल्फाबेटिक ऑर्डर) में मासिक रूप से बदलती रहती है, और इसी क्रम में पाकिस्तान को यह जिम्मेदारी मिली है।
पाकिस्तान का दृष्टिकोण और प्रतिबद्धता
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "पाकिस्तान इस जिम्मेदारी को विनम्रता और दृढ़ विश्वास की गहरी भावना के साथ निभाएगा। हमारा नजरिया संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों, अंतरराष्ट्रीय कानून के सम्मान और सबको साथ लेकर चलने के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर आधारित रहेगा।"
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत असीम इफ्तिखार अहमद ने पाकिस्तान की सरकारी समाचार एजेंसी एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) से बात करते हुए कहा, "पाकिस्तान की अध्यक्षता पारदर्शी, सबको साथ लेकर चलने वाली और उत्तरदायी होगी।"
प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर फोकस
राजदूत इफ्तिखार अहमद जुलाई में होने वाले परिषद के सभी प्रमुख वैश्विक मुद्दों की अध्यक्षता करेंगे। उन्होंने कहा कि वह दुनिया के मुश्किल दौर, बढ़ती अस्थिरता, अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए खतरों, बढ़ते संघर्षों और गहराते मानवीय संकटों से पूरी तरह अवगत हैं।
पाकिस्तानी राजदूत पहले ही संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मिल चुके हैं और उन्हें जुलाई में परिषद के कार्यक्रम के बारे में जानकारी दे चुके हैं। पाकिस्तानी दूत ने कहा, "एक ऐसे देश के रूप में जिसने लगातार बातचीत और कूटनीति की वकालत की है, पाकिस्तान सुरक्षा परिषद के काम में एक सैद्धांतिक और संतुलित दृष्टिकोण लाता है। हम संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के तहत अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी और संयुक्त राष्ट्र सदस्यता की अपेक्षाओं के अनुरूप सभी सदस्यों के साथ मिलकर काम करने के लिए तत्पर हैं।"
अध्यक्षता के दौरान दो विशेष कार्यक्रम
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी बयान में आगे कहा गया कि जुलाई की अध्यक्षता के दौरान दो उच्च स्तरीय हस्ताक्षर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे:
22 जुलाई को: विवादों के शांतिपूर्ण समाधान के जरिए अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा को बढ़ावा देने पर बहस।
24 जुलाई को: संयुक्त राष्ट्र और इस्लामिक सहयोग परिषद (OIC) के बीच सहयोग पर बातचीत।
इसमें यह भी कहा गया है कि इन दोनों बैठकों की अध्यक्षता पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार करेंगे। वह 23 जुलाई को फिलिस्तीन के मुद्दे पर तीन महीनों की खुली बहस की भी अध्यक्षता करेंगे।
UNSC में पाकिस्तान और भारत की पिछली सदस्यता
पाकिस्तान इससे पहले सात बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का सदस्य रह चुका है: 2012-13, 2003-04, 1993-94, 1983-84, 1976-77, 1968-69 और 1952-53 में। वहीं, भारत की बात करें तो भारत 8 बार संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के अस्थायी सदस्य के रूप में चुना जा चुका है: 2021-2022, 2011-2012, 1991-1992, 1984-1985, 1977-1978, 1972-1973, 1967-1968, 1950-1951।
