द फॉलोअप डेस्क
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच 14 दिनों के लिए सीजफायर पर सहमति बन गई है। यह समझौता इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि टकराव का केंद्र होर्मुज स्ट्रेट रहा है, जो वैश्विक तेल-गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम समुद्री मार्ग है। होर्मुज स्ट्रेट एक संकरा जलमार्ग है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस निर्यात होता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह का तनाव सीधे तौर पर वैश्विक बाजारों को प्रभावित करता है।

सीजफायर की घोषणा के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों ने तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है, जबकि एशियाई शेयर बाजारों में शुरुआती कारोबार के दौरान तेजी देखी गई। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही यह संघर्षविराम सीमित अवधि के लिए हो, लेकिन इससे फिलहाल आपूर्ति बाधित होने का खतरा कम हुआ है। इससे तेल व्यापारियों, बीमा कंपनियों और सरकारों को कुछ राहत मिली है, जो हाल के तनाव के कारण संभावित जोखिमों को लेकर सतर्क थीं।

ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने यह युद्ध-विराम अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर घोषित किया। उन्होंने कहा कि उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से दिया गया प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। इस प्रस्ताव में कहा गया है कि दो हफ्ते तक लड़ाई रोक दी जाए और होर्मुज जलडमरूमध्य को तुरंत खोल दिया जाए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इन दो हफ्तों के समय का इस्तेमाल ईरान के साथ अंतिम समझौता करने के लिए करेगा। यानी इन दो हफ्तों में बातचीत होगी।
उन्होंने लिखा, “ऐसा करने का कारण यह है कि हम अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को पहले ही पूरा कर चुके हैं और उनसे भी आगे बढ़ चुके हैं। साथ ही हम ईरान के साथ लंबे समय की शांति और पूरे मध्य पूर्व में शांति के लिए एक पक्का समझौता करने के बहुत करीब हैं।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि वॉशिंगटन को तेहरान से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है और इसे बातचीत शुरू करने के लिए अच्छा आधार माना जा रहा है। उन्होंने कहा, “हमें ईरान से 10 बिंदुओं का प्रस्ताव मिला है और हमें लगता है कि बातचीत करने के लिए यह एक सही आधार है।”

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बयान पोस्ट करके युद्ध-विराम स्वीकार करने की बात कही। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री शरीफ की ट्वीट में की गई भाईचारे वाली अपील के जवाब में, और अमेरिका द्वारा उसके 15 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के आधार पर बातचीत की मांग को देखते हुए, साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा ईरान के 10 बिंदुओं वाले प्रस्ताव के सामान्य ढांचे को बातचीत का आधार मानने की घोषणा को ध्यान में रखते हुए, मैं ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की ओर से यह घोषणा करता हूं: अगर ईरान पर हमले रुक जाते हैं, तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपनी रक्षात्मक कार्रवाई रोक देंगी।” उन्होंने आगे कहा, “दो हफ्तों की अवधि के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवाजाही संभव होगी, लेकिन इसके लिए ईरान की सशस्त्र सेनाओं के साथ समन्वय (कॉर्डिनेट) करना होगा और कुछ तकनीकी सीमाओं का भी ध्यान रखना होगा।”
न्यूयॉर्क टाइम्स ने तीन ईरानी अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट छापी है. इसके अनुसार ईरान ने पाकिस्तान के दो हफ्ते के युद्ध-विराम प्रस्ताव को आखिरी समय में चीन के हस्तक्षेप के बाद स्वीकार किया। चीन, जो ईरान का महत्वपूर्ण सहयोगी है, उसने तेहरान से कहा कि वह लचीलापन दिखाए और तनाव कम करे। अधिकारियों ने यह भी कहा कि इस युद्ध-विराम को ईरान के नए सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मुजतबा खामेनेई ने मंजूरी दी है। ईरान पहले ही कह चुका है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को केवल पूरे शांति समझौते के हिस्से के रूप में ही खोलेगा, जिसमें यह गारंटी हो कि अमेरिका और इजरायल आगे कोई हमला नहीं करेंगे। सिर्फ अस्थायी युद्ध-विराम के बदले वह इसे खोलने के लिए तैयार नहीं था।