द फॉलोअप डेस्क
झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में मनाए जा रहे 'जनजातीय गौरव दिवस' के भव्य समारोह "स्वाभिमानी बिरसा–2025" के पूर्व-आयोजनों की श्रृंखला का शानदार आगाज़ कर दिया है। बुधवार को रांची के माध्यमिक विद्यालयों में ज्ञान और अभिव्यक्ति पर केंद्रित दो प्रमुख प्रतियोगिताएं सफलतापूर्वक आयोजित की गईं, जिसका उद्देश्य स्कूल के युवा पीढ़ी को 'धरती आबा' के अदम्य साहस और अतुलनीय योगदान से परिचित कराना रहा। इस पहले दो दिन सीयूजे के विद्यार्थियों के लिए यह प्रतियोगिता आयोजित की गई थी।.jpg)
स्कूलों में साहित्यिक प्रतियोगिताओं का सफल आयोजन
इस कड़ी में, विद्यालय स्तर पर क्विज प्रतियोगिता और निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। क्विज का विषय "भगवान बिरसा मुंडा के योगदान" था, जिसमें 12 स्कूलों के 372 छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं, निबंध लेखन का विषय "धरती आबा" रखा गया, जिसमें 318 छात्रों ने अपनी कलम का जौहर दिखाया। शिक्षा विभाग, सीयूजे के बी.एड. इंटर्न और स्कूल प्रिंसिपलों के सहयोग से यह आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
"स्वाभिमानी बिरसा–2025" के पूर्व-आयोजन (स्कूल संबंधी कार्यक्रम) के संयोजक डॉ. एम. रामकृष्णा रेड्डी ने बताया कि इन गतिविधियों को छात्रों में भगवान बिरसा मुंडा के मूल्यों और बलिदानों के प्रति गर्व की भावना पैदा करने और उन्हें समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रेरित करने हेतु किया गया है।
उलिहातू में बिरसा मुंडा के वंशज से भेंट और गौरव यात्रा की तैयारी
इन आयोजनों के दौरान ही सीयूजे के एक दल ने भगवान बिरसा मुंडा की जन्मस्थली उलिहातू का दौरा किया। टीम ने बिरसा मुंडा के वंशज सुखराम मुंडा से भेंट की और उन्हें होने वाले भव्य समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। डॉ के बी सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम ने बीडीओ आर्की, गणेश महतो से भी मुलाकात की, जिन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया। यह यात्रा सीयूजे के मनातू परिसर से उलिहातु एवं डोंबारीबुरु तक जाएगी। यह स्थान सार्वजनिक जागरूकता और गर्व की तीर्थयात्रा का प्रतीक है।
स्वाभिमानी बिरसा, लोगो डिजाइन प्रतियोगिता का विजेता घोषित
"स्वाभिमानी बिरसा-2025" की थीम को एक स्थायी दृश्य पहचान देने के लिए आयोजित लोगो प्रतियोगिता के विजेता एमबीए विभाग के मनीष कुमार घोषित किए गए हैं। उनके लोगो का कॉन्सेप्ट है – "स्वाभिमानी बिरसा – सशक्त धनुर्धर" (The Resilient Archer)। यह डिज़ाइन बिरसा मुंडा की क्रांतिकारी भावना, न्याय के लिए उनके दृढ़ संकल्प और उनके द्वारा समर्थित समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को कलात्मक रूप से समाहित करता है। यह लोगो 150वीं जयंती के लिए सांस्कृतिक गौरव और आत्म-सम्मान के प्रतीक के रूप में काम करेगा और विश्वविद्यालय के सभी कार्यक्रमों में इस्तेमाल किया जाएगा। विजेता को ₹ 5000/- और प्रशस्ति पत्र देकर 15 नवंबर को सम्मानित किया जाएगा।.jpeg)
सीयूजे के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग और कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई
बुधवार को विश्वविद्यालय में सीयूजे के विद्यार्थियों के लिए पेंटिंग और कविता पाठ प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसका विषय - "आदिवासी संस्कृति में बिरसा", यह आयोजन छात्रों को राष्ट्रीय नायक की कहानी और उनकी संस्कृति को दृश्य माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया जिसमें बढ़ चढ़कर सीयूजे के विद्यार्थी भाग लिए।
कविता पाठ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को बिरसा मुंडा, स्वतंत्रता या देशभक्ति पर आधारित रचनाओं का वाचन करना हुआ। यह आयोजन कविता तथा बोले हुए शब्दों की शक्ति के माध्यम से स्वतंत्रता संघर्ष के भावनात्मक पहलुओं को लोगों तक पहुँचाने में मदद किया जिससे सभी प्रभावित हुए। इन कार्यक्रमों के संयोजक डॉ नरेश बुर्ला ने कविता पाठ के विजेताओं की घोषणा की। जिनके नाम हैं अंकित यादव, स्मृति बिस्वास, सिद्धि दात्री और अदिति कुमारी। पोस्टर मेकिंग के विजेताओं की घोषणा गुरुवार को की जाएगी।