रांची
झारखंडवासियों के लिए बेहद अच्छी खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट की बैठक में 49 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। लेकिन इनमें स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण विकास से जुड़े कई अहम फैसले भी शामिल हैं। राज्य के दूरदराज क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा शुरू की जाएगी। वहीं, शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से अगले पांच वर्षों में 1,000 सरकारी स्कूलों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित स्मार्ट कक्षाएं शुरू की जाएंगी। इसके अलावा दिव्यांग एवं गंभीर बीमार छात्रों को बोर्ड परीक्षा में उपस्थिति में राहत और आदर्श विद्यालय योजना के विस्तार जैसे कई महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं।
गंभीर मरीजों को मिलेगी हेलीकॉप्टर एंबुलेंस सेवा
कैबिनेट ने राज्य में हेलीकॉप्टर इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) शुरू करने को मंजूरी दी है। इसके तहत सुदूर क्षेत्रों में रहने वाले गंभीर मरीजों को कम समय में बेहतर अस्पताल तक पहुंचाने के लिए सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर की सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। जरूरत पड़ने पर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल में मरीजों को रेफर करने के लिए भी हेलीकॉप्टर का उपयोग किया जाएगा। इस सेवा के संचालन और शुल्क निर्धारण के लिए अलग से मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार की जाएगी। 
1000 स्कूलों में शुरू होंगी AI आधारित स्मार्ट कक्षाएं
कैबिनेट ने राज्य के 1000 सरकारी स्कूलों में चरणबद्ध तरीके से AI आधारित वर्चुअल स्मार्ट क्लासरूम शुरू करने की योजना को मंजूरी दी है। प्रत्येक कक्षा में स्मार्ट बोर्ड लगाए जाएंगे और पढ़ाई को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से जोड़ा जाएगा। इस योजना को अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) में लागू किया जाएगा। इसके लिए 176 करोड़ 7 लाख 85 हजार 560 रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। वहीं चालू वित्तीय वर्ष में 80 करोड़ 7 लाख 85 हजार 560 रुपये खर्च करने की मंजूरी मिली है। योजना के तहत जेसीईआरटी में दो और सभी प्रमंडलीय मुख्यालयों में एक-एक स्टूडियो स्थापित किए जाएंगे, जहां से शिक्षक वर्चुअल माध्यम से विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे। इसके लिए राज्य के हाई स्कूल और प्लस-टू विद्यालयों के करीब 2,000 शिक्षकों का पैनल तैयार किया जाएगा। शिक्षकों को AI आधारित शिक्षण प्रणाली का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा और पूरी प्रक्रिया के लिए एक एजेंसी का चयन किया जाएगा।
गंभीर बीमार और दिव्यांग छात्रों को बोर्ड परीक्षा में राहत
कैबिनेट ने पंचायत क्षेत्रों के बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन को भी मंजूरी दी। अब उद्योग और संस्थानों के निर्माण के लिए सड़क की न्यूनतम चौड़ाई 9 मीटर से घटाकर 4.5 मीटर कर दी गई है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में उद्योग स्थापित करना आसान होगा। कैबिनेट ने सिकल सेल रोग, थैलेसीमिया, हीमोफिलिया, टाइप-1 मधुमेह सहित अन्य गैर-संचारी रोगों से पीड़ित एवं दिव्यांग विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षा में शामिल होने के लिए उपस्थिति नियमों में राहत देने का निर्णय लिया है। अब ऐसे छात्रों के लिए 75 प्रतिशत अनिवार्य उपस्थिति के स्थान पर न्यूनतम 50 प्रतिशत उपस्थिति पर्याप्त होगी। इसके लिए एसओपी को भी मंजूरी दे दी गई है।.jpeg)
आदर्श विद्यालय योजना का पांच वर्ष के लिए विस्तार
राज्य सरकार ने वर्ष 2020 में स्वीकृत आदर्श विद्यालय योजना की अवधि को अगले पांच वर्षों (2025-26 से 2029-30) तक बढ़ाने की भी मंजूरी दी है। इससे राज्य में गुणवत्तापूर्ण स्कूली शिक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।