जामताड़ा:
Jamtara News: शनिवार को जामताड़ा (Jamtara) जिले के एक स्कूल में उस वक्त बच्चे और शिक्षक हैरान रह गए, जब उपायुक्त (DC) आलोक कुमार (Alok Kumar) बिना किसी पूर्व सूचना के साधारण पोशाक में सीधे क्लासरूम (Classroom) में पहुंच गए। करीब 11:45 बजे पहुंचे उपायुक्त ने बच्चों से बातचीत की, ब्लैकबोर्ड (Blackboard) पर सवाल पूछे और उन्हें पढ़ाई के आसान तरीके समझाए। इस दौरान उन्होंने जिले के तीन विद्यालयों का निरीक्षण (Inspection) कर शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की उपस्थिति तथा मध्याह्न भोजन (Mid-Day Meal) योजना की स्थिति का जायजा लिया।

ब्लैकबोर्ड पर सवाल पूछे, बच्चों को समझाए आसान तरीके
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त आलोक कुमार शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने ब्लैकबोर्ड पर जाकर बच्चों से जोड़-घटाव समेत विभिन्न विषयों से जुड़े सवाल पूछे। विद्यार्थियों की कॉपियां देखकर उनके जवाबों का आकलन किया और कठिन प्रश्नों को हल करने के आसान तरीके भी समझाए। उपायुक्त ने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय आने, मन लगाकर पढ़ाई करने और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने के लिए प्रेरित किया।
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तीन विद्यालयों का किया निरीक्षण
शनिवार को निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने जिले के तीन विद्यालयों का जायजा लिया। इनमें राजकीयकृत गवर्नमेंट सेकेंडरी स्कूल, देवलबाड़ी, उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दिघारी और उत्क्रमित मध्य विद्यालय, मोहड़ा शामिल हैं। इस दौरान उन्होंने विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, पढ़ाई के स्तर और मध्याह्न भोजन योजना के संचालन की समीक्षा की।
दिघारी स्कूल में मध्याह्न भोजन बंद मिलने पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान उत्क्रमित मध्य विद्यालय, दिघारी में मध्याह्न भोजन योजना संचालित नहीं पाई गई। इस पर उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाध्यापक से जवाब-तलब किया। उन्होंने जिला शिक्षा अधीक्षक (DSE) को निर्देश दिया कि जिले के सभी विद्यालयों में निर्धारित मेनू के अनुसार बच्चों को नियमित रूप से मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराया जाए। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन और पोषण से संबंधित किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा जिला प्रशासन की प्राथमिकता
उपायुक्त आलोक कुमार ने शिक्षकों को शिक्षण प्रक्रिया प्रभावी और रुचिकर बनाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने शिक्षकों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने तथा विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर लगातार ध्यान देने को कहा।