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Jasidih Bypass Line : 293 करोड़ रुपए से तैयार हुई नई रेल लाइन, खत्म होगी इंजन रिवर्सल की समस्या

293 करोड़ रुपए से तैयार हुई नई रेल लाइन, खत्म होगी इंजन रिवर्सल की समस्या

जामताड़ा:
Jasidih Bypass Line: पूर्व रेलवे ने क्षेत्रीय रेल अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। 293 करोड़ रुपए की लागत से तैयार की गई जसीडीह बाईपास लाइन (Jasidih Bypass Line) का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। पूर्व रेलवे की महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय (General Manager Geetika Pandey) के नेतृत्व में तैयार यह महत्वपूर्ण परियोजना अब परिचालन के लिए तैयार है। परियोजना के उद्घाटन की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। नई बाईपास लाइन (New bypass line) के शुरू होने से दुमका, गोड्डा, जामताड़ा और देवघर समेत आसपास के क्षेत्रों की रेल कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी। 

जसीडीह स्टेशन पर इंजन रिवर्सल की समस्या होगी खत्म
हाईवे के रिंग रोड की तर्ज पर तैयार की गई यह बाईपास लाइन जसीडीह मुख्य स्टेशन को बायपास करते हुए कुमड़ाबाद-रोहिणी और देवघर को सीधे रेल मार्ग से जोड़ती है। इससे ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर इंजन की दिशा बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। पहले दुमका और गोड्डा की ओर से आने-जाने वाली कई ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन पर रुकना पड़ता था। यहां इंजन को अलग कर दूसरे छोर पर जोड़ने और इसके बाद ब्रेक परीक्षण की प्रक्रिया में अतिरिक्त समय लगता था। नई बाईपास लाइन के चालू होने से यह प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी और ट्रेनों के परिचालन में तेजी आएगी।

यात्री ट्रेनों के सफर का समय होगा कम
बाईपास लाइन के शुरू होने से प्रतिदिन कम से कम पांच प्रमुख यात्री ट्रेनों के यात्रा समय में कमी आने की उम्मीद है। ट्रेनों को जसीडीह स्टेशन में प्रवेश किए बिना सीधे बाईपास मार्ग से गुजरने की सुविधा मिलेगी। इससे यात्रियों को तेज और सुगम रेल यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही जसीडीह स्टेशन पर ट्रेनों के अनावश्यक ठहराव और परिचालन दबाव को भी कम करने में मदद मिलेगी।

मालगाड़ियों के परिचालन को भी मिलेगी रफ्तार
नई रेल लाइन से माल परिवहन को भी गति मिलेगी। प्रतिदिन कम से कम दो प्रमुख मालगाड़ियों के जसीडीह स्टेशन को बायपास कर सीधे गुजरने की सुविधा होगी। इससे क्षेत्रीय औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलने के साथ आवश्यक वस्तुओं और औद्योगिक सामान के परिवहन में समय की बचत होगी।

ROB, RUB और पुलों का किया गया निर्माण
जसीडीह बाईपास लाइन परियोजना को आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग का उदाहरण बताया जा रहा है। परियोजना के तहत जटिल जमीनी कार्यों के साथ व्यापक रॉक कटिंग, रोड ओवर ब्रिज (ROB), रोड अंडर ब्रिज (RUB) और छोटे पुलों का निर्माण किया गया है। रेल लाइन से जुड़े सभी प्रमुख सिविल कार्य पूरे कर लिए गए हैं।

आधुनिक सिग्नलिंग और ट्रैक सिस्टम से सुरक्षित परिचालन
कुमड़ाबाद-रोहिणी और देवघर लिंक के बीच ट्रेनों के सुरक्षित और तेज परिचालन के लिए आधुनिक डिजिटल सिग्नलिंग नेटवर्क और ट्रैक सिस्टम स्थापित किए गए हैं। इन प्रणालियों का परीक्षण भी पूरा कर लिया गया है। इससे नई बाईपास लाइन पर ट्रेनों का परिचालन अधिक सुरक्षित और सुचारु तरीके से किया जा सकेगा।

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझि ने कहा कि महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय के मार्गदर्शन में तैयार यह परियोजना यात्री आवागमन की गति, रेल परिचालन की दक्षता और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगी। जसीडीह बाईपास लाइन के शुरू होने से दुमका, गोड्डा, जामताड़ा, देवघर और आसपास के क्षेत्रों में रेल संपर्क और बेहतर होगा। उन्होंने इसे पूर्वी भारत के रेल अवसंरचना विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

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