बिहार
बिहार में मॉनसून के फिर से सक्रिय होने के बाद कई जिलों में रुक-रुककर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आज गुरुवार को राज्य के 27 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खासतौर पर किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से बचने की अपील की गई है।
तेज हवा के साथ बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार, अलर्ट वाले जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। इस दौरान करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। अगले दो से तीन दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। कुछ जगहों पर आसमान में बादल छाए रहेंगे, जबकि कई इलाकों में अचानक बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी देखने को मिल सकती है।
इन 27 जिलों में जारी हुआ अलर्ट
मौसम विभाग ने पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, पटना, जहानाबाद, अरवल, गया, नवादा, जमुई और लखीसराय में येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में लोगों को बारिश और तेज हवा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
पटना में भी बारिश के आसार
राजधानी पटना में गुरुवार को आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। इस दौरान हल्की बारिश भी हो सकती है। बारिश होने पर तापमान में कुछ गिरावट आने के साथ लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक पटना में भी मौसम का मिजाज इसी तरह बना रह सकता है।.jpeg)
सामान्य से 42 फीसदी कम हुई बारिश
मॉनसून सीजन के दौरान बिहार में अब तक बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, 26 अगस्त तक राज्य में सामान्य 741.2 मिमी बारिश के मुकाबले सिर्फ 428.6 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी अब तक बिहार में सामान्य से करीब 42 फीसदी कम बारिश हुई है। हालांकि, आने वाले दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
बाढ़ के खतरे ने बढ़ाई चिंता
इधर, नेपाल में आई बाढ़ के बाद बिहार के कई इलाकों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। गंडक नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, जबकि गंगा नदी भी कई जिलों में खतरे के निशान के आसपास बह रही है। कई निचले इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंचने से लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन हाई अलर्ट पर है। बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में NDRF और SDRF की टीमों को तैनात किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया जा सके।