logo

बिहार में क्यों घटी ब्राह्मण, कायस्थ और राजपूत की आबादी; क्या कहते हैं आंकड़े

caste_census_report.jpg

द फॉलोअप डेस्क
बिहार में हुए जाति आधारित सर्वे का आंकड़ा जारी कर दिया गया है। सर्वे के आंकड़ों के अनुसार बिहार राज्य की कुल आबादी 13 करोड़ 7 लाख 25 हजार 310 है। वहीं आबादी के हिसाब से अत्यंत पिछड़ा वर्ग की सबसे ज्यादा आबादी 36.01फीसदी है। इस रिपोर्ट में बिहार में रहने वाली जातियों का आंकड़ा भी स्पष्ट कर दिया गया है। इनमें कई जाति ऐसी है जिनकी संख्या में बढ़ोतरी हुई है वहीं कई की घटी है। सवर्ण समाज में शामिल ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्त काफी कम आबादी में सिमट गए हैं। 


कायस्थ की आबादी घट कर 0.66 प्रतिशत रह गई 
1931 की जातीय गणना रिपोर्ट की बात करें तो बिहार में राजपूतों की आबादी 4.2 प्रतिशत, ब्राम्हणों की संख्या 4.7 प्रतिशत, कायस्थों की आबादी 1.2 प्रतिशत थी जबकि भूमिहार 2.9 प्रतिशत थे। वहीं 2023 के आंकड़ों के अनुसार सवर्णों में ब्राह्मण सबसे ज्यादा हैं पर उनकी आबादी भी 1931 की तुलना में घटकर 3.65 प्रतिशत पर आ गई है। राजपूतों की जनसंख्या भागीदारी घटकर 3.5 प्रतिशत हो गयी है तो कायस्थ की आबादी घट कर 0.66 प्रतिशत रह गई है। भूमिहार के प्रतिशत में थोड़ी गिरावट आई है और उनका प्रतिशत 2.87 हो गया है। 


क्या कहते है जानकार
वहीं जब जानकारों से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा सवर्ण समाज यानि की ब्राह्मण, राजपूत, भूमिहार और कायस्थ जाति के लोग शिक्षा के प्रति काफी सजग रहते है। इनके लिए शिक्षा ही खेती होती है। इस जाति के लोगों की सबसे पहली प्राथमिकता शिक्षा होती हैं। ऐसे में बेहतर शिक्षा को लेकर इस समाज के लोग दूसरे राज्य में पलायन कर रहे है। इस कारण इनकी आबादी में गिरावट आई है। इसके साथ ही जानकारों ने यह भी मानना है कि इस समाज के लोग रोजगार के लिए भी बिहार से दूसरे राज्य जाते है और वहीं बस जाते हैं। जिस कारण उनका बिहार आना कम हो गया। वहीं उनकी दूसरी पीढ़ी भी यहां नहीं आती है। जिस कारण समय के साथ उनका वोटर लिस्ट और अन्य सभी रिकोर्ड से नाम हट गया। जिसके बाद वो अक्सर अपने गांव की जमीन जायदाद और मकान आदि बेचकर दूसरे राज्यों में शिफ्ट कर जाते हैं।

हमारे वाट्सअप ग्रुप से जुड़ने के लिए इस लिंक पर क्लिक करें : https://chat.whatsapp.com/FUOBMq3TVcGIFiAqwM4C9N