पटना
बिहार सरकार की ओर से पटना, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए अंडरग्राउंड केबलिंग योजना पर काम किया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। योजना को अंतिम रूप देकर अब इसे मंजूरी के लिए आगे बढ़ाया जा रहा है।
योजना के तहत इन तीनों शहरों में ओवरहेड बिजली तारों को हटाकर उन्हें जमीन के नीचे डाला जाएगा। इससे न केवल बार-बार होने वाली बिजली कटौती से राहत मिलेगी, बल्कि आंधी-तूफान, बारिश और हादसों के दौरान होने वाले जोखिम भी काफी हद तक कम होंगे। शहरी क्षेत्रों में बिजली नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

जहां संभव नहीं, वहां कवर्ड वायर
जिन इलाकों में फिलहाल अंडरग्राउंड केबलिंग तकनीकी कारणों से संभव नहीं होगी, वहां कवर्ड वायर लगाए जाएंगे। ये तार इंसुलेटेड होंगे, जिससे करंट फैलने और दुर्घटनाओं की आशंका कम होगी। पहले चरण में ऐसे क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां बिजली तारों के कारण अक्सर फॉल्ट और हादसे होते हैं। पटना शहर के कुछ हिस्सों में पहले ही अंडरग्राउंड केबलिंग की जा चुकी है। अब योजना के तहत उन इलाकों को शामिल किया जाएगा जहां अब तक यह कार्य अधूरा है। इसके लिए जरूरी उपकरण मंगाए जा चुके हैं और जल्द ही शेष क्षेत्रों में काम शुरू करने की तैयारी है।
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भागलपुर और मुजफ्फरपुर में चरणबद्ध क्रियान्वयन
भागलपुर और मुजफ्फरपुर में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। किस इलाके में पहले काम शुरू होगा, इसका निर्धारण तकनीकी सर्वे और स्थानीय जरूरतों को देखते हुए किया जाएगा। योजना को मंजूरी मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी और इसके बाद अगले वर्ष से परियोजना पर काम शुरू होने की संभावना है। यह प्रोजेक्ट बिहार के शहरी बिजली ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। अंडरग्राउंड केबलिंग से न सिर्फ शहरों की तस्वीर बदलेगी, बल्कि बिजली आपूर्ति अधिक सुरक्षित, स्थिर और आधुनिक हो सकेगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।
