पटना
बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना की राशि लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर होने से ठीक पहले सूबे की सियासत गरमा गई है। नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य की वित्तीय स्थिति को लेकर नीतीश-सम्राट सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी ने कैबिनेट द्वारा आकस्मिकता निधि से ₹3662 करोड़ निकालने की मंजूरी पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए पूछा कि क्या बिहार दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गया है और क्या डबल इंजन सरकार की नीतियों के कारण राज्य में वित्तीय आपातकाल जैसी स्थिति बनने वाली है।
क्या बिहार दिवालिया होने के कगार पर है? क्या डबल इंजन सरकार की पूंजीपरस्त नीतियों और जनविरोधी निर्णयों से वित्तीय आपातकाल की स्थिति उत्पन्न होने वाली है?
— Tejashwi Yadav (@yadavtejashwi) June 10, 2026
बिहार का वित्तीय संकट इतना गंभीर हो चुका है कि कल बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई ???????????????? की सामाजिक सुरक्षा पेंशन देने के… pic.twitter.com/dWWtwyXiRo
आकस्मिकता निधि से पेंशन भुगतान पर उठाए सवाल
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि, 'बिहार कैबिनेट ने मई, जून और जुलाई 2026 की सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान के लिए बिहार आकस्मिकता निधि से ₹3662 करोड़ निकालने की मंजूरी दी है।' मुख्यमंत्री आज सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत राज्य के लाखों लाभार्थियों के खातों में DBT के माध्यम से ₹1100 मासिक पेंशन की राशि ट्रांसफर करेंगे। इस योजना का लाभ वृद्धजन, दिव्यांग और विधवा पेंशनधारकों को मिलेगा। राज्य सरकार ने हाल ही में हुए कैबिनेट फैसले में प्रत्येक महीने की 10 तारीख को पेंशन राशि लाभार्थियों के खातों में भेजने का निर्णय लिया है।
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए
नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि, 'पिछले कई महीनों से कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में देरी हो रही है। ठेकेदारों का भुगतान लंबित है, कई स्वीकृत विकास योजनाओं पर काम शुरू नहीं हुआ है और छात्रवृत्ति व स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाएं भी प्रभावित हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि फंड की कमी के कारण बिहार राज्य फसल सहायता योजना को बंद करने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री से मांगा जवाब
तेजस्वी यादव ने कहा कि, ‘दशकों से डबल इंजन सरकार होने के बावजूद यदि पेंशन जैसी योजनाओं के लिए आकस्मिकता निधि का सहारा लेना पड़ रहा है, तो मुख्यमंत्री को इसका जवाब देना चाहिए। उन्होंने मांग किया कि सरकार बिहार की वित्तीय स्थिति पर जनता के सामने स्पष्ट जानकारी रखे और लोगों की आशंकाओं को दूर करे।’