द फॉलोअप डेस्क
तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री मोदी के बिहार दौरे को लेकर बड़ा आरोप लगाया है और कहा है कि रैली आयोजित करने के लिए प्रधानमंत्री राज्य सरकार के पैसे का प्रयोग कर रही है या कहे जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रही है। जिसकी एक बार के रैली की कुल लागत 100 करोड़ होती है। उस हिसाब से मोदी ने बिहार में अब तक कुल 200 रैलियाँ आयोजित की है। और उसका खर्च देखा जाए तो 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर सरकारी कार्यक्रमों की आड़ में चुनावी प्रचार करने का आरोप लगाया है।
तेजस्वी ने अपने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि प्रधानमंत्री की एक रैली पर100 करोड़ रुपये का खर्च आता है। उनके अनुसार, पिछले पांच चुनावों में प्रधानमंत्री बिहार में 200 से अधिक रैलियां और जनसभाएं कर चुके हैं। इस हिसाब से, उन्होंने कुल खर्च 20,000 करोड़ रुपये किया है।
यादव ने अपने पोस्ट में लिखा, "आयोजन का बहाना है सरकारी, लेकिन प्रयोजन है प्रचार चुनावी।" उन्होंने आगे लिखा है कि "सरकारी कार्यक्रम में प्रधानमंत्री जी केंद्र की ???????? वर्षों एवं बिहार की ???????? वर्षों की ???????????? सरकार की उपलब्धियों व खामियों इत्यादि का ज़िक्र ना कर के केवल विपक्ष को गाली देने के लिए बिहार आते है तथा एक कार्यक्रम पर जनता की जेब से ???????????? करोड़ रुपए खर्च निकलवाते है। चालाकी से अपने प्रचार-प्रसार और चेहरा चमकाने के लिए जनता की जेब से हजारों करोड़ रुपए निकलवाने वालों को आप क्या कहेंगे?"
तेजस्वी ने आगे लिखा कि "बिहार जैसे गरीब राज्य को कुछ दे नहीं सकते तो लेते भी क्यूं हो? रैलियों के माध्यम से बिहार की जनता का ???????? हजार करोड़ लूटने और लुटाने वाले गुनहगार ऊपर से ईमानदार, तारणहार और खेवनहार बनने का नाटक रच रहे है? और हाँ! जनता की पॉकेट मारने वाले को पॉकेटमार ही कहा जाता है, मददगार नहीं?"
बता दें कि बीते दिन शुक्रवार 20 जून को प्रधानमंत्री मोदी एक सभा को संबोधित करने बिहार आए थे। उसके बाद से ही सत्ता और विपक्ष के बीच हमले तेज हो गए है।