पटना/बिहार
जनशक्ति जनता दल के सुप्रीमो तेज प्रताप यादव पर अनुष्का के भाई आकाश यादव ने एफआईआर दर्ज कराई है। इससे नाराज होकर आकाश यादव के आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए तेज प्रताप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों को झूठा, मनगढ़ंत और उनकी छवि धूमिल करने की साजिश करार दिया है। तेज प्रताप ने अपने पोस्ट में लिखा कि वे किसी भी तरह के दबाव, झूठे आरोप या दुष्प्रचार के आगे न कभी झुके हैं और न ही झुकेंगे।
यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति को उसके अभद्र, अपमानजनक, धमकीपूर्ण एवं असामाजिक व्यवहार के संबंध में विधिवत कानूनी नोटिस भेजा गया, उसने अपनी गलती स्वीकार करने या खेद व्यक्त करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर मेरे विरुद्ध एक झूठी एवं मनगढ़ंत प्राथमिकी (FIR)… pic.twitter.com/Mlo5O0zysa
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) June 18, 2026
कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ बताया
दरअसल, आकाश यादव ने तेज प्रताप यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए आरोप लगाया है कि 6 जून को तेज प्रताप अपने सहयोगी मोती लाल यादव के साथ उनके पटना स्थित आवास पहुंचे। आकाश यादव की गैरमौजूदगी में जबरन घर में घुसने की कोशिश की। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि बाद में फोन के जरिए उन्हें और उनके परिवार को धमकियां दी गईं। आकाश यादव का आरोप है कि उन्हें चेतावनी दी गई कि यदि तेज प्रताप को उनकी पत्नी से मिलने से रोका गया तो उज्जैनी का अपहरण करा दिया जाएगा और गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। आकाश का आरोप है कि इसके बाद एक औऱ कॉल आया और कॉलर ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ बताया। साथ ही उसने मंत्री जी के खिलाफ कुछ भी न बोलने की धमकी दी।

झूठ, भय और साजिश के आगे न कभी झुका हूं, न झुकूंगा
इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए तेज प्रताप यादव ने कहा कि जिस व्यक्ति को उसके कथित अभद्र और धमकीपूर्ण व्यवहार के लिए कानूनी नोटिस भेजा गया था। उसने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर उनके खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने इसे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा और वर्षों से अर्जित जनविश्वास को नुकसान पहुंचाने की सुनियोजित कोशिश बताया। तेज प्रताप ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में होने का मतलब यह नहीं है कि वे झूठ, चरित्रहनन और कानून के दुरुपयोग को सहन करेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून का दुरुपयोग कर झूठी कहानियां गढ़ना न्याय व्यवस्था और नैतिक मूल्यों का अपमान है। उन्होंने न्यायपालिका और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा जताते हुए कहा कि सत्य साक्ष्यों के आधार पर सामने आएगा और झूठ का पर्दाफाश होगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वाले हर व्यक्ति के खिलाफ वे सभी उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करेंगे। अपने बयान के अंत में तेज प्रताप यादव ने कहा, "मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि न तो मैं किसी प्रकार के दबाव में आने वाला हूं और न ही झूठे आरोपों व दुष्प्रचार से विचलित होने वाला हूं। झूठ, भय और साजिश के आगे न कभी झुका हूं, न झुकूंगा। सत्य की विजय निश्चित है।"