पटना
पटना के मशहूर ज्ञान बिंदु एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत के बाद बेहद गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। रौशन आनंद का दावा है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत पहले उन्हें झूठे मामले में जेल भिजवाया गया और फिर उनके भाई की हत्या कर दी गई। उन्होंने जेल के भीतर खुद की जान को खतरा बताते हुए खान सर और उनके बॉडीगार्ड समेत किसान कोल्ड स्टोर के मालिक पर इस पूरी साजिश को रचने का आरोप लगाया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से CBI जांच और भाई के शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की है।
जेल में हत्या की साजिश का सनसनीखेज दावा
रौशन आनंद ने आरोप लगाया है कि जब उन्हें एक कानूनी मामले में जेल भेजा गया था, तब वहां भी उनकी जान लेने की पूरी तैयारी की जा रही थी। उनका सीधा आरोप है कि खान सर के एक बॉडीगार्ड ने जेल के अंदर उनकी हत्या की साजिश रची थी। रौशन आनंद के मुताबिक, जेल प्रशासन की तत्परता, सतर्कता और सही समय पर की गई कार्रवाई की वजह से उनकी जान बच सकी, अन्यथा जेल के भीतर ही उनके साथ कोई अनहोनी हो सकती थी। उन्होंने यह भी कहा कि फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक डॉक्टर आर. एस. प्रसाद ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी हत्या करवाने का प्रयास किया है। कोल्ड स्टोर के मालिक के बेटे ने करोड़ों रुपये की लागत से एक जिम बना रखा है; आखिर इतना सारा पैसा आता कहां से है? और ये सारे पैसे कैश (नकद) में लिए जाते हैं। फैजल खान रूम ओनर के कंधे पर बंदूक रखकर कई शिक्षकों और लाइब्रेरी संचालकों को बर्बाद कर चुका है। अगर सही मायने में देखा जाए, तो ये किसी शिक्षक के लक्षण नहीं बल्कि एक गुंडे के लक्षण हैं। हमें डबल इंजन की सरकार पर पूरा भरोसा है, हमें न्याय जरूर मिलेगा
भाई प्रिंस यादव की मौत 'हादसा नहीं, सोची-समझी हत्या'
रौशन आनंद ने अपने भाई प्रिंस यादव की मौत को सामान्य मानने से साफ इनकार कर दिया है। उन्होंने इसे एक नियोजित हत्या करार दिया है। उनका आरोप है कि इस हत्याकांड के पीछे फैजल खान और किसान कोल्ड स्टोर के मालिक का हाथ है। उन्होंने दावा किया कि उनके पूरे परिवार को एक-एक करके निशाना बनाया जा रहा है और इस साजिश की गहराई से जांच होनी बेहद जरूरी है।