द फॉलोअप, बिहार
राबड़ी देवी के सरकारी आवास विवाद मामले में रोहिणी आचार्या ने सोशल मीडिया (X) पर NDA को निशाना बनाते हुए तंज कसा और अपने पोस्ट में सम्राट सरकार को दलित विरोधी मानसिकता से प्रेरित करार दिया है। पटना के चर्चित 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी देवी के सरकारी बंगले को लेकर अब पक्ष-विपक्ष लगातार एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करते नजर आ रहे हैं।
दलित विरोध तो भाजपा की उत्पत्ति के मूल में है ..
— Rohini Acharya (@RohiniAcharya2) June 1, 2026
दलित विरोध , दलितों के प्रति घृणा , द्वेष, भेदभाव वाली विचारधारा - सोच तो भाजपा की उत्पत्ति के मूल में ही है , भाजपा के लोगों के द्वारा दिए गए सैंकड़ों दलित विरोधी घटिया बयानों और भाजपा शासित प्रदेशों में निरंतर बढ़ती दलित… pic.twitter.com/vRILLof61D
मंत्री नंद किशोर राम के बयान को निराधार बताया
रोहिणी ने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा की राजनीति की जड़ में दलित विरोधी सोच और भेदभाव की मानसिकता रही है। भाजपा शासित राज्यों में दलित उत्पीड़न की कई घटनाएं सामने आई हैं, जिससे पार्टी की सोच उजागर होती है। इस दौरान रोहिणी ने मंत्री नंद किशोर राम के उस बयान पर भी आपत्ति जताई, जिसमें उन्होंने कहा था कि हम दलित हैं, इसलिए राबड़ी देवी उन्हें आवंटित आवास को नहीं खाली करना चाहती हैं। मंत्री के इस बयान के बाद रोहिणी ने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि राबड़ी देवी और लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में दलितों, पिछड़ों और वंचित वर्गों को मुख्यधारा की राजनीति में भागीदारी दिलाने का काम किया है। रोहिणी ने दावा किया कि लालू-राबड़ी के प्रयासों से दलित समाज के अनेक लोगों को विधानसभा, संसद और मंत्रिमंडल तक पहुंचने का अवसर मिला।

रोहिणी ने सम्राट सरकार पर लगाया आरोप
रोहिणी ने आगे सम्राट सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि राबड़ी देवी पर बंगला खाली करने का दबाव राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व वाली बिहार सरकार इसलिए दबाव बना रही है क्योंकि राबड़ी देवी वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज उठाती रही हैं। रोहिणी ने दावा किया कि लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी दलितों एवं वंचितों के अधिकारों की लड़ाई के मजबूत प्रतीक रहे हैं। इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।