द फॉलोअप डेस्क:
Patna Crorepati chor: राजधानी पटना (Patna) में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाला दिनेश कुमार (Dinesh Kumar) उर्फ लंगड़ा पुलिस (Langda Police) की गिरफ्त में आने के बाद चर्चा में है। शास्त्रीनगर थाने (Shashtrinagar police station) की पुलिस ने रविवार को चोरी के एक मामले में दिनेश उर्फ लंगड़ा समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस पूछताछ में उसके चोरी (Theft) करने के तरीके, पारिवारिक नेटवर्क और करोड़ों की संपत्ति से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस के अनुसार, दिनेश पिछले 12 वर्षों से पटना में चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। इस दौरान वह केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास समेत 100 से अधिक घरों को अपना निशाना बना चुका है।

पत्नी और बेटे के साथ मिलकर करता था चोरी
पुलिस के मुताबिक, दिनेश ने चोरी की कमाई से पटना और मुंबई समेत कई शहरों में संपत्तियां बना ली हैं। हैरानी की बात यह है कि उसका अपना कोई गिरोह नहीं था, बल्कि वह पत्नी और बेटे के साथ मिलकर चोरी का पूरा कारोबार चलाता था। घरों में घुसकर चोरी करने की जिम्मेदारी खुद दिनेश की होती थी, जबकि चोरी के आभूषणों को बेचने का काम उसकी पत्नी पूनम देवी करती थी। वहीं, चोरी से मिले पैसों का हिसाब-किताब उसका बेटा आर्यन इशु रखता था। पुलिस के अनुसार, दिनेश उर्फ लंगड़ा को इसी साल की शुरुआत में भी गिरफ्तार किया गया था। हालांकि, पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उसे जमानत मिल गयी थी। जेल से बाहर आने के बाद वह फिर से चोरी की घटनाओं में सक्रिय हो गया। अब शास्त्रीनगर पुलिस ने उसे उसकी पत्नी और बेटे समेत दोबारा गिरफ्तार किया है।
शाम चार से छह बजे के बीच करता था वारदात
पुलिस पूछताछ में दिनेश ने बताया कि उसने चोरी के लिए शाम का एक खास समय तय कर रखा था। वह आमतौर पर शाम चार से छह बजे के बीच चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। उसके निशाने पर ऐसे घर होते थे, जहां कीमती आभूषण और अन्य सामान मिलने की संभावना अधिक रहती थी। पुलिस के मुताबिक, वह किसी घर को निशाना बनाने से पहले कई दिनों तक वहां और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखता था। इस दौरान वह संबंधित परिवार और घर के बारे में जानकारी जुटाता था।

सोशल मीडिया से पता करता था परिवार की आर्थिक स्थिति
पुलिस के अनुसार, दिनेश सोशल मीडिया के जरिये भी लोगों की जीवनशैली और आर्थिक स्थिति का अंदाजा लगाता था। खासकर महिलाओं के सोशल मीडिया अकाउंट पर उसकी नजर रहती थी। पर्व-त्योहार और शादी-विवाह के दौरान पहने जाने वाले आभूषणों की तस्वीरों के आधार पर वह परिवार की आर्थिक हैसियत का अनुमान लगाने की कोशिश करता था। इसके बाद संभावित घरों को निशाना बनाने का फैसला करता था। पूछताछ में उसने बताया कि शाम का समय चुनने के पीछे भी खास वजह थी। इस दौरान कई महिलाएं घर से बाहर रहती थीं, जबकि पुरुष अक्सर दफ्तर में होते थे। ऐसे में घर खाली मिलने की संभावना रहती थी। पुलिस के अनुसार, इसी का फायदा उठाकर वह चोरी करता था और इस पूरे काम में उसका परिवार भी शामिल रहता था।
चोरी के पैसों से पटना और मुंबई में खरीदे फ्लैट
पटना पुलिस ने दिनेश उर्फ लंगड़ा के साथ उसकी पत्नी पूनम देवी (43) और बेटे आर्यन इशु (20) को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, तीनों पटना के कंकड़बाग थाना क्षेत्र के 90 फीट इलाके में शिव शंकर प्रसाद के मकान में रह रहे थे। चोरी की वारदातों के बाद तीनों घूमने-फिरने के लिए बाहर निकल जाते थे। पुलिस सूत्रों के अनुसार, दिनेश के पटना में दो और मुंबई में एक फ्लैट होने की जानकारी मिली है। पुलिस उसकी संपत्तियों की जांच कर रही है। साथ ही आय से अधिक संपत्ति और चोरी की कमाई से बनाई गयी संपत्तियों के पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। इस मामले में पटना पुलिस ने आर्थिक अपराध इकाई को भी जांच की जिम्मेदारी सौंपी है।

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास में भी की थी चोरी
दिनेश उर्फ लंगड़ा का नाम केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के आवास पर हुई चोरी की घटना में भी सामने आ चुका है। वर्ष 2014 में उसने केंद्रीय मंत्री के आवास में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, इस घटना में आवास पर काम करने वाले दो कर्मचारियों ने उसकी मदद की थी। मामले में पटना पुलिस ने दिनेश समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस समय आरोपितों के पास से एक करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के सामान और नकदी बरामद की गयी थी।
दस थानों में दर्ज हैं चोरी के मामले
पटना पुलिस को अब तक दिनेश के खिलाफ शहर के दस थानों में दर्ज चोरी के मामलों की जानकारी मिली है। बुधवार को भी पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली थी। इस दौरान सोने का एक बिस्कुट, चांदी के तीन बिस्कुट, चांदी के सिक्के, चांदी की कटोरी, चार चूड़ियां, 28 बिछिया, नौ जोड़ी पायल और एक ब्रेसलेट बरामद किया गया। इसके अलावा पुलिस ने 1.29 लाख रुपये नकद, एक देसी कट्टा, तीन जिंदा कारतूस, 41 ग्राम स्मैक और पांच मोबाइल फोन भी बरामद किये हैं। पुलिस अब बरामद सामानों के स्रोत का पता लगाने के साथ-साथ चोरी की अन्य घटनाओं में दिनेश की संलिप्तता की जांच कर रही है।