द फॉलोअप डेस्क:
Bihar cyber crime: पटना (Ptana) में साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। साइबर अपराधी कभी डॉक्टर से अपॉइंटमेंट तो कभी इंश्योरेंस रिन्यूअल (Insurance Renewal) और बैंक अधिकारी बनकर लोगों को निशाना बना रहे हैं। फुलवारी शरीफ (Phulwari Sharif) के 64 वर्षीय महेंद्र प्रसाद (Mahendra Prasad) से डॉक्टर को दिखाने के नाम पर APK फाइल डाउनलोड करायी गयी और उनके बैंक खाते से 1.23 लाख रुपये निकाल लिये गये। वहीं, दो अन्य मामलों में इंश्योरेंस रिन्यूअल और बैंक प्रतिनिधि बनकर कुल 7.93 लाख रुपये की ठगी की गयी। तीनों मामलों में साइबर थाने में शिकायत के आधार पर केस दर्ज किया गया है।
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डॉक्टर से दिखाने के लिए गूगल पर नंबर खोजा, फिर भेजी APK फाइल
फुलवारी शरीफ निवासी महेंद्र प्रसाद ने डॉक्टर निशांत त्रिपाठी से इलाज के लिए अपॉइंटमेंट लेने के उद्देश्य से गूगल पर उपलब्ध मोबाइल नंबर पर संपर्क किया था। कॉल रिसीव करने वाले व्यक्ति ने खुद को डॉक्टर से संबंधित बताया और फीस के तौर पर पांच रुपये जमा करने को कहा। इसके बाद उनके व्हाट्सएप पर एक APK फाइल भेजी गयी। महेंद्र प्रसाद ने फाइल डाउनलोड कर ली और गूगल पे से पांच रुपये का भुगतान कर दिया। शिकायत के अनुसार, इसके बाद उनके बैंक खाते से सात अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 1.23 लाख रुपये निकाल लिये गये। मामले में उनके बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है।
इंश्योरेंस रिन्यूअल के नाम पर 2.29 लाख रुपये की ठगी
दूसरे मामले में हाथीदह निवासी धीरज कुमार को साइबर अपराधियों ने इंश्योरेंस कंपनी का प्रतिनिधि बनकर निशाना बनाया। उन्हें एक अज्ञात नंबर से फोन आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस से जुड़ा बैंक प्रतिनिधि बताया। इसके बाद पॉलिसी से संबंधित कुछ दस्तावेज और जानकारी व्हाट्सएप पर भेजी गयी, जिससे धीरज कुमार को फोन करने वाले पर भरोसा हो गया। आरोप है कि इसके बाद बदमाशों के बताये खाते में उन्होंने 2.29 लाख रुपये भेज दिये। बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करायी।

बैंक अधिकारी बनकर महिला के खाते से 5.64 लाख रुपये निकाले
अनिसाबाद इलाके की रहने वाली एक महिला के बैंक खाते से भी साइबर अपराधियों ने 5.64 लाख रुपये निकाल लिये। महिला को अज्ञात नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को केनरा बैंक मुख्यालय का प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनके खाते से करीब छह लाख रुपये की निकासी हुई है। जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने बैंक खाते की जांच करायी। जांच में पता चला कि चार अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए खाते से कुल 5.64 लाख रुपये की निकासी हो चुकी थी। इस मामले में महिला के बेटे के बयान पर साइबर थाने में केस दर्ज किया गया है।
साइबर ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में APK फाइल डाउनलोड नहीं करनी चाहिए। बैंक, इंश्योरेंस कंपनी या किसी सरकारी संस्था का प्रतिनिधि बनकर फोन करने वाला व्यक्ति यदि ओटीपी, यूपीआई पिन, पासवर्ड या बैंक से जुड़ी संवेदनशील जानकारी मांगता है तो उसे साझा नहीं करें। किसी भी भुगतान या लिंक पर क्लिक करने से पहले संबंधित बैंक, कंपनी या संस्था के आधिकारिक नंबर से जानकारी की पुष्टि करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत बैंक को सूचना देने के साथ साइबर क्राइम हेल्पलाइन **1930** पर शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।
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