द फॉलोअप डेस्क
पटना में गुरुवार को NEET छात्रा मौत मामले में शंभू गर्ल्स हॉस्टल बिल्डिंग के मालिक मनीष रंजन की जमानत याचिका पर कोर्ट में लंबी सुनवाई चली। बता दें कि मनीष रंजन पटना के बेउर जेल में बंद हैं। सुनवाई में मनीष रंजन को कोर्ट में पेश किया गया। करीब चार घंटे तक चली इस सुनवाई में दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क रखे। हालांकि लंबी बहस चलने के बाद भी कोर्ट का अंतिम निर्णय नहीं आया है। कोर्ट ने फिलहाल जमानत पर अपना फैसला सुरक्षित रखा है। जानकारी के मुताबिक चार घंटे चले इस सुनवाई में करीब दो घंटे तक बहस जज के चेंबर में चली। इससे पहले ओपन कोर्ट में दोनों पक्षों के वकीलों ने दलीलें रखीं। पीड़ित पक्ष के वकील ने पटना हाईकोर्ट के फुल बेंच के एक पुराने फैसले का हवाला देते हुए मनीष रंजन को जमानत देने का विरोध किया। इस पर बचाव पक्ष के वकील ने आपत्ति जताई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच एजेंसी CBI से कई तीखे सवाल भी पूछे, लेकिन CBI द्वारा कोर्ट को स्पष्ट जवाब नहीं दिया गया। वहीं सुनवाई के बाद पीड़िता की मां कोर्ट के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान पुलिस और जांच एजेंसियां पर लीपापोती का आरोप लगाते हुए भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल रहा है। उन्होंने ये भी दावा किया कि हॉस्टल में बड़े नेताओं और प्रभावशाली लोगों के बेटे आते-जाते थे। आगे उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों पर आरोप लगाते हुए कहा कि गरीब की बेटी के लिए कोई आवाज नहीं उठाता। सरकार ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की बात करती है, लेकिन गरीब की बेटियों के साथ न्याय नहीं होता। बहरहाल, इस पूरे मामले पर अब सबकी नजर कोर्ट के फैसले पर टिकी हुई है।