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चतरा में ममता ने तोड़ी रूढ़ियां : जब पुरुष पीछे हटे, तो संभाला पोस्टमार्टम का जिम्मा

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चतरा

चतरा सदर अस्पताल के अनुभवी कर्मी अवैध वसूली के आरोपों के बाद काम छोड़कर फरार हो गए। जिसके बाद ममता देवी ने शव का पोस्टमार्टम किया। ममता देवी ने इस काम के बाद ‘नारी शक्ति’ की नई परिभाषा गढ़ दी है। पोस्टमार्टम के बाद उनकी खूब प्रशंसा की जा रही है। 

अवैध वसूली का आरोप
दरअसल मामला तब सामने आया जब अस्पताल में पोस्टमार्टम कर्मियों पर अवैध वसूली के आरोप लगे। बताया जा रहा है कि एक दर्दनाक हादसे के बाद शोकाकुल परिवार से अस्पताल कर्मियों द्वारा 5000 रुपये की मांग की गई। मामला बढ़ने पर कार्रवाई के डर से सभी कर्मी काम छोड़कर फरार हो गए। घंटों इंतजार के बाद भी जब कोई कर्मचारी सामने नहीं आया तो सिविल सर्जन डॉ. सत्येंद्र कुमार सिंह ने एक अहम फैसला लिया। उन्होंने ममता देवी को इस जिम्मेदारी के लिए आगे बढ़ाया। ममता देवी ने बिना झिझक इस चुनौती को स्वीकार किया और पोस्टमार्टम का कार्य संभाला। 

अस्पताल प्रशासन ने सराहा
बातचीत में ममता कहती हैं कि सेवा का कोई लिंग नहीं होता। अगर महिलाएं घर संभाल सकती हैं, तो ऐसे कठिन कार्य भी कर सकती हैं। अस्पताल प्रशासन ने भी इस पहल को सराहा है। आज ममता देवी न सिर्फ एक कर्मचारी, बल्कि साहस, सेवा और बदलाव की प्रतीक बन चुकी हैं।

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