द फॉलोअप डेस्क:
Bihar Flood Update: बिहार में पश्चिम चंपारण (West Champaran) की लौरिया-योगापट्टी सीट से विधायक बिनय बिहारी (MLA Binay Bihari) अपनी ही सरकार के खिलाफ धरने पर बैठ गए। ऐलान कर दिया कि जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (CM Samrat Choudhary) खुद नहीं आते, मैं धरने से नहीं उठूंगा। इनकी नाराजगी दरअसल, बेतिया जिला प्रशासन (Betiah District Administration) से है। विधायक बिनय बिहारी का आरोप है कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त राहत सामग्री नहीं पहुंच रही। बाढ़ प्रभावित लोगों के राहत और पुनर्वास के लिए जिला प्रशासन पर्याप्त सहयोग नहीं कर रहा है।
ये बीजेपी विधायक बिनय बिहारी हैं। पश्चिम चंपारण की लौरिया-योगापट्टी सीट से विधायक हैं।
— Vimlandu Kumar Singh (@KumarVimlandu) September 29, 2026
आज गमछा बिछाकर धरने पर बैठ गए हैं। उनका ऐलान है—जब तक मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी नहीं आएंगे, मैं धरने से नहीं उठूंगा।
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जिला प्रशासन पर मनमानी का आरोप
विधायक बिनय बिहारी ने कहा कि जिला प्रशासन की मनमानी इतनी बढ़ गई है कि उनको धरने पर बैठना पड़ रहा है। बिनय बिहारी ने दावा किया कि वह बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत के लिए 4 बार मुख्यमंत्री, 2 बार आपदा प्रबंधन मंत्री और दर्जनों बार जिलाधिकारी से मिल चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। विधायक बिनय बिहारी ने आरोप लगाया कि राहत सामग्री के नाम पर बाढ़ पीड़ितों के बीच केवल प्लास्टिक शीट बांटी गई है।
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राहत सामग्री के नाम पर दी प्लास्टिक शीट
बीजेपी विधायक ने कहा कि गंडक नदी ने लौरिया-योगापट्टी के बड़े इलाके को बुरी तरह प्रभावित किया है। किसानों की फसल डूब गई है। लोग बेघर हो गए हैं। जिलाधिकारी कहते हैं कि बाढ़ राहत के तहत प्रस्तावित 7 हजार रुपये की राशि बांटने का वक्त अभी नहीं आया है। उन्होंने कहा कि किसानों को तत्काल खराब हुई फसल का मुआवजा मिलना चाहिए। बेघरों का पुनर्वास होना चाहिए।