logo

BIHAR Flood : नेपाल में हुई भारी बारिश से बिहार में तबाही,अपने हाथों ही अपना घर तोड़ने पर लोग मजबूर

नेपाल में हुई भारी बारिश से बिहार में तबाही,अपने हाथों ही अपना घर तोड़ने पर लोग मजबूर

भागलपुर/गोपालगंज:

उत्तरी बिहार (North Bihar) के कई जिलों में बाढ़ (Flood) का खतरा बढ़ता जा रहा है क्योंकि इस क्षेत्र की प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मंगलवार से ही इन नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। जैसे-जैसे नदियों का जल स्तर बढ़ रहा है, बाढ़ का पानी उन जिलों के निचले इलाकों में फैल गया है। इसी कड़ी में बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) के कई घर कोशी (Koshi) में बह गए। हालत बद से बदतर हैं। लोग मजबूरन अपने हाथों से ही अपना घर तोड़ने पर मजबूर हैं।

 

बिहार की कई नदियों में बढ़ा जलस्तर

बता दें कि पिछले कुछ दिनों से नेपाल में भारी बारिश और भारत-नेपाल सीमा पर स्थित उत्तरी बिहार के कुछ हिस्सों में कोसी, कमला बलान, बागमती, महानंदा और परमान जैसी लगभग सभी प्रमुख नदियों में जलस्तर में वृद्धि हुई है। जल संसाधन विभाग के मुताबिक पिछले कुछ दिनों में ये बढ़ोतरी तेज हुई है।

100 मकान नदी में समाए
बिहार का शोक कही जाने वाली कोसी नदी में भी लगातार जलस्तर में बढोतरी हो रही है। भागलपुर का जहांगीरपुर गांव कोसी नदी के किनारे बसा है। जहां करीब 1500 से ज्यादा घर है। गांव में करीब-करीब 4 से 5 हजार लोग रहते हैं। यहां पिछले 2 महीने से जारी कटाव के कारण 55 पक्के मकान समेत 100 से ज्यादा घर नदी में समा चुके हैं। 100 ऐसे मकान ऐसे हैं जो कभी भी चपेट में आ सकते हैं। मजबूरन यहां के लोगों को अपने हाथों से अपना घर तोड़ना पड़ रहा है, ताकि कम से कम ईंट बचा सके।

गोपालगंज के 28 गांव और टोलों में पानी घुस चुका है
वहीं गोपालगंज के 6 प्रखंडों में तटबंध के अंदर बसे करीब 28 गांव और टोलों में पानी घुस चुका है। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संजय कुमार अग्रवाल और गोपालगंज के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने तटबंधों का निरीक्षण कर अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा है। गंडक से 4 लाख क्यूसेक पानी रिलीज किया गया तो सभी गांव प्रभावित हो जाएंगे। राहत की बात यह है कि वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज घटा है। 24 घंटे के बाद गोपालगंज में गंडक नदी के जलस्तर में कमी हो सकती है।