नई दिल्ली
बिहार विधानसभा चुनाव और छह राज्यों व जम्मू-कश्मीर के आठ उपचुनावों के मद्देनजर चुनाव आयोग ने राजनीतिक विज्ञापनों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। आयोग ने कहा है कि अब कोई भी राजनीतिक पार्टी या उम्मीदवार सोशल मीडिया सहित किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया पर प्रचार सामग्री तभी प्रकाशित कर सकेगा जब उसे संबंधित मीडिया सर्टिफिकेशन और मॉनिटरिंग कमिटी (MCMC) से प्री-सर्टिफाइड मिल चुकी हो।

ECI ने उम्मीदवारों से यह भी कहा है कि वे अपने सभी आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स की जानकारी आयोग को उम्मीदवार पर्चा दाखिल करते समय साझा करें। आयोग ने यह कदम सोशल मीडिया पर प्रचार और भुगतान किए गए समाचार (paid news) की निगरानी के लिए उठाया है।
इसके अलावा, Representation of the People Act, 1951 की धारा 77(1) और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, चुनाव समाप्त होने के 75 दिनों के भीतर राजनीतिक पार्टियों को सोशल मीडिया पर हुए प्रचार खर्च का ब्यौरा आयोग को देना होगा। इसमें विज्ञापन कंपनियों को भुगतान, सामग्री विकास और सोशल मीडिया संचालन का खर्च शामिल होगा।
इस कदम से चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्रचार में पारदर्शिता बढ़ाने और झूठी या भ्रामक सूचनाओं को रोकने की दिशा में अहम कदम उठाया है।
