बिहार
बिहार में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल हुए लाखों छात्र-छात्राओं को बड़ी राहत दी है। अब जिन विद्यार्थियों को अपने प्राप्त अंकों पर संदेह है या जिन्हें लगता है कि उनकी मेहनत के अनुसार परिणाम नहीं मिला, वे घर बैठे अपनी जांची हुई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी ऑनलाइन प्राप्त कर सकेंगे। बोर्ड की इस नई व्यवस्था का उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना है। इससे छात्र खुद देख सकेंगे कि किस प्रश्न पर उन्हें कितने अंक दिए गए हैं और मूल्यांकन में कहीं कोई त्रुटि तो नहीं हुई।
दो चरणों में होगी पूरी प्रक्रिया
CBSE ने बताया है कि उत्तर पुस्तिका से जुड़ी यह पूरी प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में छात्रों को संबंधित विषय की जांची गई उत्तर पुस्तिका की डिजिटल या स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद, दूसरे चरण में छात्र स्कैन कॉपी देखने के बाद यदि किसी प्रश्न के मूल्यांकन या अंक देने में गलती महसूस करते हैं, तो वे अंकों के सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकेंगे।बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि केवल वही छात्र पुनर्मूल्यांकन के लिए पात्र होंगे, जिन्होंने पहले चरण में उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी मंगाई होगी। सीधे पुनर्मूल्यांकन के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
पुनर्मूल्यांकन के बाद घट सकते हैं अंक
CBSE ने छात्रों को पहले ही सावधान कर दिया है कि पुनर्मूल्यांकन के बाद अंकों में बदलाव संभव है। अंक बढ़ सकते हैं, घट सकते हैं या फिर पहले जैसे ही रह सकते हैं। यदि किसी छात्र के अंक कम हो जाते हैं, तो वही अंतिम और मान्य माने जाएंगे। ऐसे मामलों में छात्र को अपनी पुरानी मार्कशीट और पासिंग सर्टिफिकेट बोर्ड को वापस जमा करना होगा। इसके बाद बोर्ड नई संशोधित मार्कशीट जारी करेगा।
ऑन-स्क्रीन मार्किंग से हुई कॉपियों की जांच
इस वर्ष बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली का इस्तेमाल किया। इसके तहत सभी फिजिकल कॉपियों को स्कैन कर परीक्षकों को डिजिटल रूप में उपलब्ध कराया गया था। इस तकनीक से अंकों के जोड़-घटाव और सर्वर पर अपलोडिंग के दौरान होने वाली त्रुटियों की संभावना काफी कम हो गई। साथ ही, मूल्यांकन शुरू होने से पहले शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण और विस्तृत मार्किंग स्कीम की जानकारी भी दी गई थी, ताकि निष्पक्ष मूल्यांकन सुनिश्चित किया जा सके। इसके बावजूद छात्रों की शंकाओं को दूर करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बोर्ड ने स्कैन कॉपी उपलब्ध कराने का फैसला लिया है।
अभिभावकों और शिक्षकों ने किया स्वागत
CBSE के इस फैसले का अभिभावकों, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन ने स्वागत किया है। उनका कहना है कि पहले छात्र बिना उत्तर पुस्तिका देखे ही पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर देते थे, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती थी। अब छात्र अपनी कॉपी देखकर ही आगे की प्रक्रिया का निर्णय ले सकेंगे। इससे विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उन्हें बिना किसी भागदौड़ के घर बैठे अपनी उत्तर पुस्तिका की समीक्षा करने की सुविधा मिलेगी।