द फॉलोअप डेस्क
बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने बुधवार को सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए सरकार को निशाना बनाया। उन्होंने राज्य में गहराते वित्तीय संकट को लेकर सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि हालिया दिनों में सरकार द्वारा दूसरी बार निधि निकासी और खर्च नियंत्रण को लेकर पत्र जारी किया गया है, जिससे वित्तीय स्थिति की चुनौती साफ झलकती है।

तेजस्वी यादव ने लगाया आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी कुर्सी बचाने के लिए भ्रष्ट रिटायर्ड और कॉम्प्रोमाइज्ड उच्च अधिकारियों और एजेंसियों से डरी भूंजा गैंग ने अचेत निष्क्रिय मुख्यमंत्री से मिलकर खटारा सरकार से चुनाव के आख़िरी 30 दिनों में 41 हजार करोड़ रुपए बंटवा दिया। अब महीनों से बुजुर्गों को दी जाने वाली सामाजिक पेंशन, स्टूडेंट के क्रेडिट कार्ड के भुगतान, छात्रों को छात्रवृत्ति देने के लिए और कर्मचारियों को सैलरी और पेंशन देने के भी एनडीए सरकार के पास धनराशि नहीं बची है, क्योंकि भ्रष्टाचार के चलते खजाना खाली है।

4 लाख करोड़ से अधिक कर्ज
उन्होंने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि तंत्र-यंत्र और षड्यंत्र से बनी जुगाडू सरकार अब ब्याज पर उधार लेकर यानि कर्ज के सहारे चल रही है। यह भ्रष्ट सरकार 100 करोड़ से अधिक रुपए प्रतिदिन केवल ब्याज का भुगतान करने में खर्च कर रही हैं। हालात ये हैं कि NDA सरकार ने बिहार पर लगभग 4 लाख करोड़ रूपये से अधिक के कर्ज का बोझ लाद दिया है। बिहार का खजाना इतना खाली हो चुका है कि समूचा प्रदेश पूरी तरह से ठप पड़ा है, विकास की कोई भी योजना नहीं चल रही है। जानते हैं क्यों? क्योंकि एक ऐसी निकम्मी सरकार बिहार को चला रही है, जिसके पास न तो विजन है और न ही रोडमैप!

कैग रिपोर्ट
उन्होंने लिखा कि भ्रष्टाचार में आकंठ डूबी NDA सरकार बिहार के खजाने से पैसे तो निकाल लेती है लेकिन उसे पता ही नहीं होता है कि 92 हजार 132 करोड़ रुपये कहां खर्च किये? कैग की रिपोर्ट बताती है कि डबल इंजन की सरकार 90 हजार करोड़ के खर्च का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा नहीं कर पाई। मतलब खर्च तो हुए, लेकिन NDA नेताओं और अधिकारियों की जेब भरने में या NDA सिंडिकेट में बंदरबांट करने में किस मद में ये धनराशि लूटी गई सरकार को पता ही नहीं है। तेजस्वी ने सरकार पर तंज कसते हुए लिखा कि NDA सरकार में भ्रष्टाचार इतना विराट हो गया कि भ्रष्टचारी ही सम्राट हो गया है।