द फॉलोअप डेस्क
बिहार (MPI) यानि मल्टी-डायमेंशनल पॉवर्टी इंडेक्स 2021 के अनुसार भारत के सबसे गरीब राज्य है। वहीं अब बहुआयामी गरीबी में उल्लेखनीय कमी लाते हुए लगभग 2.25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया है। दरअसल, इसकी जानकारी गुरुवार को SDG पर आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय कार्यशाला के समापन सत्र में योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव डॉ. एन विजयलक्ष्मी संबोधित कर दी। उन्होंने कहा कि बिहार सतत विकास लक्ष्य यानि (SDG) सूचकांकों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जहां राज्य वर्ष 2018 में एसडीजी सूचकांकों में 48वें नंबर पर था वहीं 2023-24 में इस सूचकांकों में बढ़ोतरी करते हुए 57वें नंबर हासिल किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की विकास योजनाओं का सतत विकास लक्ष्य के साथ समन्वय अत्यंत आवश्यक है, जिससे राज्य का समावेशी, सतत एवं संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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आगे उन्होंने कहा कि 162 संकेतकों के विश्लेषण में लगभग 72% संकेतकों में सुधार हुआ है, जो राज्य की मजबूत नीतिगत प्रतिबद्धता को दर्शाता है। आगे उन्होंने कहा कि 15 में से 8 लक्ष्यों पर राज्य का संतोषजनक स्थिति है, जबकि अन्य लक्ष्यों पर भी निरंतर प्रयास जारी हैं। स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता के क्षेत्र में भी बिहार 98 अंक प्राप्त कर देश में तीसरा स्थान हासिल किया है, जो राज्य के लिए बहुत बड़ी सफलता है। डॉ. एन विजयलक्ष्मी बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2017 में एसडीजी विजन दस्तावेज तैयार कर सभी विभागों की योजनाओं एवं कार्यक्रमों को सतत विकास के लक्ष्यों से जोड़ा है। राज्य स्तर पर 334 संकेतकों का एक व्यापक ढांचा विकसित किया गया है, जिससे योजनाओं की प्रगति की नियमित निगरानी एवं मूल्यांकन किया जा रहा है।