पटना/बिहार
बिहार में शराबबंदी कानून को और सख्ती से लागू करने के लिए सरकार ने अब शराब माफियाओं की अवैध संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो ने शराब के अवैध कारोबार से संपत्ति अर्जित करने वाले 127 माफियाओं को चिन्हित किया है। इनकी संपत्ति जब्त करने के लिए BNNS की धारा 107 के तहत न्यायालय को प्रस्ताव भेजा गया है। सरकार का मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर कर शराब तस्करी के नेटवर्क को प्रभावी ढंग से तोड़ा जा सकता है।
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शराब बरामदगी और गिरफ्तारी में बढ़ोतरी
मद्य निषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने बताया कि वर्ष 2026 में बिहार पुलिस ने हर महीने औसतन 3.50 लाख लीटर से अधिक शराब बरामद की है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 11 प्रतिशत अधिक है। वहीं ब्यूरो द्वारा प्रतिमाह औसतन 1.06 लाख लीटर शराब जब्त की गई है। इस वर्ष मई तक 57 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें 19,877 शराब कारोबारी और 37,027 शराब पीने वाले शामिल हैं।

यूपी-झारखंड तक चला अभियान
शराब तस्करों के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए बिहार पुलिस ने राज्य की सीमाओं से बाहर भी अभियान चलाया। मई 2026 तक उत्तर प्रदेश और झारखंड में छह विशेष ऑपरेशन किए गए। इस ऑपरेशन के तहत 5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की शराब और वाहन जब्त किए गए। विभाग के अनुसार अप्रैल 2016 से मई 2026 तक जब्त की गई 97 प्रतिशत शराब को नष्ट किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि माफियाओं की संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शराब तस्करी के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा कदम साबित हो सकती है।