पटना/बिहार
खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे कोचिंग विवाद के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कोचिंग संस्थानों के लिए बड़ा बदलाव करने का फैसला लिया है। अब पटना के सभी कोचिंग संस्थानों के लिए शहर से बाहर एक व्यवस्थित कोचिंग हब विकसित किया जाएगा। यहां छात्रों और संस्थानों को बेहतर सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
.jpg)
कोचिंग संस्थानों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से हटाना
दरअसल मुख्यमंत्री के इस पहल का उद्देश्य शहर में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों को भीड़भाड़ वाले इलाकों से हटाकर ऐसा वातावरण देना है जहां सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कोचिंग संचालकों के बीच चल रहे विवाद ने सुर्खियां बटोरी हैं। इसके साथ ही उन्होंने पटना के प्रत्येक वार्ड में आधुनिक सब्जी हाट विकसित करने, घरों को सीवरेज नेटवर्क से जोड़ने और गंगा नदी को स्वच्छ रखने के लिए एसटीपी व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया।

पटना से भी बड़ा नया पाटलिपुत्र टाउनशिप विकसित
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि बरसात से पहले सड़क और नाला निर्माण से संबंधित क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत पूरी कर ली जाए और बारिश खत्म होने तक नई परियोजनाओं की शुरुआत न की जाए। इस दौरान उन्होंने बिहार के सबसे बड़े शहरी विकास प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया और कहा कि 66 हजार एकड़ में पटना से भी बड़ा नया पाटलिपुत्र टाउनशिप विकसित किया जाएगा, जहां शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, पेयजल, बिजली और अन्य आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य पटना समेत बिहार के शहरों को स्मार्ट, स्वच्छ और सुव्यवस्थित बनाना है।