बिहार में विकास, रोजगार, स्वास्थ्य, खेती और बाढ़ सुरक्षा से जुड़े 17 प्रस्तावों को मंगलवार को कैबिनेट की मंजूरी मिली। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मखाना विकास योजना के लिए 2026-27 में करीब 89.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इससे मखाना उत्पादन, बीज, प्रशिक्षण, प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, बाजार और निर्यात को बढ़ावा दिया जाएगा। वहीं बागवानी विकास मिशन के लिए करीब 78.34 करोड़ रुपये और बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के पैरावेट स्कूल में छह स्थायी पदों को मंजूरी मिली।

असिस्टेंट प्रोफेसर के 366 खाली पदों पर होगी नियुक्ति
स्वास्थ्य क्षेत्र में बेतिया, पूर्णिया, मधेपुरा, छपरा और समस्तीपुर के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में असिस्टेंट प्रोफेसर के 366 खाली पदों पर संविदा नियुक्ति होगी। गया के विष्णुपद मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए 2,520 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं। इसे काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। इसके अलावा सोन-फल्गु नदी जोड़ योजना के लिए 996 करोड़ रुपये और ईंट-भट्ठा कारोबारियों के बकाये के लिए तीन महीने की वन टाइम सेटलमेंट योजना को मंजूरी दी गई है।

बिहार आकस्मिकता निधि से दिए गए 1,000 करोड़ रुपये
बिहार जलस्रोत पुनर्स्थापन एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026 के तहत नदियों, बराज और जलाशयों से गाद हटाने की व्यवस्था होगी। हवाई संपर्क बढ़ाने के लिए मॉडिफाइड UDAN Scheme के तहत केंद्र, AAI और बिहार सरकार के बीच MoU को मंजूरी मिली है। आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट भी विकसित किए जाएंगे। वहीं बाढ़ सुरक्षा, सिंचाई और प्रगति यात्रा से जुड़े कार्यों के लिए जल संसाधन विभाग को बिहार आकस्मिकता निधि से 1,000 करोड़ रुपये दिए गए हैं।