पटना/ बिहार
पटना में ‘हरे गमछे वालों’ को AI कैमरे एक इशारे में पकड़ लेंगे। अपराधी कोई जाति या धर्म का नहीं होता, कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा। CM सम्राट के इस बयान से बिहार की राजनीति में घमासान शुरु हो गया है। ये बात भले ही मुख्यमंत्री ने खुलकर नहीं कहा हो लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर RJD की तरफ है।

CM सम्राट का RJD पर हमला
सीएम के इस बयान से विपक्ष की तरफ से लगातार आरोप-प्रत्यारोप शुरु हो गए हैं। दरअसल बीते दिनों मुख्यमंत्री ने कहा था कि बिहार में 50% यादव ही अपराधी हैं, सब मारे जाएंगे और सबको माला चढ़ाएगा। इसी को लेकर प्रदेश की राजनीति में घमासान शुरु हो गया है। शनिवार को ऊर्जा ऑडिटोरियम में बिहार AI समिट-2026 का आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने AI तकनीक के बढ़ते उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि अब बिहार तेजी से बदल रहा है। सीएम ने आगे कहा कि अब समय आ गया है कि बाहर रह रहे राज्य के लोग अपने राज्य में लौटेंगे। AI आधारित कैमरों का सही और व्यापक तौर पर उपयोग किया जाए तो अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी बेहद आसान हो सकती है। इस दौरान राजधानी पटना में लगे हजारों CCTV कैमरों का भी जिक्र किया। कहा कि AI को केवल एक संकेत देने की जरूरत होगी और संदिग्धों की पहचान तेजी से हो पाएगी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने “हरे गमछे वालों” का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी विशेष व्यक्ति या समूह की ओर इशारा करना नहीं है, बल्कि आधुनिक तकनीक के जरिए अपराधियों तक बहुत जल्द पहुंचा जा सकता है।

अपराधी का कोई जाति या धर्म नहीं
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अपराधी का कोई जाति या धर्म नहीं होता। कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा। सिर्फ एक इशारे में 'हरे गमछे' वालों को एआई आधारित कैमरों पकड़ा जा सकता है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में सुशासन और कानून को मजबूत करने के लिए पुलिस को पूरी स्वतंत्रता दी जाती है कि यदि कोई अपराधी पुलिस-प्रशासन को चुनौती देता है तो उसके खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में स्पीडी ट्रायल और सख्त प्रशासनिक व्यवस्था के जरिए अपराध नियंत्रण की नीति लगातार जारी रहेगी।