द फॉलोअप डेस्क, रांचीः
बिहार में रोजगार बढ़ाने को लेकर सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि अगले पांच साल में राज्य में करीब 10 हजार उद्योग लगाए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बिहार के लोगों को राज्य में ही रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि काम की तलाश में दूसरे राज्यों का रुख करने वाले लोगों को वापस बिहार में रोजगार मिल सके। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार से करीब 12 लाख लोग काम की तलाश में दूसरे राज्यों में जाते हैं। सरकार की कोशिश है कि इन लोगों को बिहार में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके लिए आने वाले पांच साल में बड़े पैमाने पर उद्योग स्थापित करने की योजना बनाई गई है। सरकार का मानना है कि नए उद्योगों के आने से राज्य में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और लोगों को अपने ही राज्य में काम मिल सकेगा।
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करीब 1000 उद्योगों को मिल चुकी है जमीन
सम्राट चौधरी ने बताया कि बिहार में करीब 1000 उद्योगों को जमीन दी जा चुकी है। अब सरकार इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने और राज्य में ज्यादा से ज्यादा उद्योग स्थापित करने पर जोर दे रही है। इसके साथ ही युवाओं को नए कारोबार और नए विचारों के साथ आगे बढ़ाने की भी तैयारी है। इसी सिलसिले में पटना के तारामंडल में राष्ट्रीय नवाचार चुनौती कार्यक्रम और इसके पोर्टल की शुरुआत की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं और राज्य की बड़ी आबादी को कमजोरी के बजाय ताकत के रूप में देखा जाना चाहिए। सरकार इसी ताकत का इस्तेमाल रोजगार और कारोबार के अवसर बढ़ाने के लिए करना चाहती है।

एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लक्ष्य की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य की एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है। इस योजना के जरिए महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से अपने पैरों पर खड़ा करने पर जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान श्यामा प्रसाद मुखर्जी कार रैली के तहत 25 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। कार्यक्रम में उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन मंत्री नंद किशोर राम, सांसद डॉ। संजय जायसवाल और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई लोग मौज।