द फॉलोअप डेस्क:
बिहार (Bihar) के भागलपुर (Bhagalpur) जिले की ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन मंदिरों और प्राकृतिक खूबसूरती को अब फिल्म जगत में नई पहचान दिलाने की तैयारी है। जिले के पर्यटन स्थलों (Tourists Spots) को फिल्मों, वेब सीरीज और अन्य मनोरंजन परियोजनाओं की शूटिंग के लिए प्रमुख विकल्प के रूप में विकसित करने की पहल की जा रही है। इसके तहत बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम की ओर से राज्य के विभिन्न जिलों में शूटिंग के लिहाज से उपयुक्त स्थानों का डिजिटल संग्रह तैयार किया जा रहा है। इसमें चयनित स्थलों के वीडियो और तस्वीरें शामिल होंगी, जिन्हें निगम और कला-संस्कृति विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। इससे मुंबई समेत देश के दूसरे फिल्म उद्योगों के निर्माता-निर्देशकों को बिहार में शूटिंग के लिए उपयुक्त लोकेशन तलाशने में आसानी होगी।

विक्रमशिला से अजगैवीनाथ धाम तक होंगे आकर्षण
भागलपुर में फिल्मांकन के लिए ऐतिहासिक, धार्मिक और प्राकृतिक खूबसूरती से जुड़े कई स्थल मौजूद हैं। इनमें प्राचीन विक्रमशिला महाविहार के अवशेष, बटेश्वर स्थान, बाबा बूढ़ानाथ मंदिर, तिलहाकोठी, भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर, कर्णगढ़ मंदिर और चंपानगर जैसे स्थान शामिल हैं। इसके अलावा सुलतानगंज स्थित अजगैवीनाथ धाम के मुरली पहाड़, शाहकुंड का पहाड़ी क्षेत्र, तीन पहाड़ और गंगा का विस्तृत दियारा इलाका भी फिल्मकारों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकते हैं। इन स्थलों की खासियत को बेहतर तरीके से सामने लाने के लिए विभागीय सोशल मीडिया टीम को पेशेवर तरीके से वीडियो और तस्वीरें तैयार करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए आधुनिक कैमरे, लेंस और अन्य तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि लोकेशन की वास्तविक खूबसूरती और विशेषताओं को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सके।

फिल्म शूटिंग बढ़ने से रोजगार और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
भागलपुर को फिल्म शूटिंग के लिए पहचान मिलने से स्थानीय पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है। हिंदी फिल्मों के साथ अंगिका, भोजपुरी और मैथिली फिल्मों, वेब सीरीज तथा म्यूजिक एल्बम की शूटिंग के अवसर भी बढ़ सकते हैं। इससे स्थानीय कलाकारों, कैमरामैन, तकनीशियनों, मेकअप आर्टिस्ट और अन्य सहयोगियों को काम मिलने की संभावनाएं बनेंगी। वहीं, दूसरे शहरों से आने वाली फिल्म यूनिटों के कारण होटल, परिवहन, खान-पान और अन्य स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिल सकता है। इस पहल से जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को व्यापक मंच मिलने के साथ बिहार को फिल्म निर्माण के लिए एक आकर्षक गंतव्य के रूप में स्थापित करने में मदद मिल सकती है।