द फॉलोअप डेस्क
अहमदाबाद से लंदन जा रहे विमान हादसे में जान गंवाने वालों में पटना की रहने वाली एयर होस्टेस मनीषा थापा भी शामिल थीं। एक सामान्य परिवार से आई मनीषा ने तमाम संघर्षों के बाद अपने सपनों को पंख दिए थे। एयर इंडिया की फ्लाइट में बतौर केबिन क्रू काम कर रही मनीषा का करियर अभी शुरू ही हुआ था कि यह हादसा उसकी उड़ान को हमेशा के लिए रोक गया।
मनीषा की मौत की खबर मिलते ही पटना स्थित उसके घर में कोहराम मच गया। परिवार से लेकर कॉलेज और मोहल्ले तक शोक का माहौल है। मनीषा के चाचा प्रवीण तमांग ने बताया कि पूरा परिवार सदमे में है। "उसका करियर अब शुरू ही हुआ था," उन्होंने दुख के साथ कहा। हादसे की खबर मिलते ही मनीषा के माता-पिता और भाई तुरंत अहमदाबाद के लिए रवाना हो गए।

उड़ान से पहले मां और दादी से की थी बात
परिजनों के अनुसार, हादसे से ठीक पहले गुरुवार दोपहर मनीषा ने अपनी मां और दादी से फोन पर बात की थी। उस समय वह लंदन के लिए रवाना होने वाली थीं। कुछ ही देर बाद प्लेन क्रैश की खबर आ गई। मनीषा की चचेरी बहन नेहा तमांग इस खबर से इतनी आहत थीं कि उन्होंने मीडिया से बात करने से इनकार कर दिया।
पड़ोसियों की आंखें नम, नानी को पहले लगी भनक
मनीषा के पड़ोस में रहने वाली संगीता प्रधान ने बताया कि वह बेहद मृदुभाषी और मिलनसार लड़की थी। "वह जब भी पटना आती, मुझसे जरूर मिलती थी," संगीता ने कहा। उनके मुताबिक, इस हादसे ने मोहल्ले को हिला दिया है।
मनीषा की नानी को सबसे पहले हादसे की जानकारी मिली। उन्होंने तुरंत मनीषा की मां को फोन कर बेटी के बारे में पूछा। मनीषा के पिता राजू थापा उस वक्त बेगूसराय में ड्यूटी पर थे, जिन्हें तुरंत पटना बुलाया गया। परिवार ने अभी तक दादी को मनीषा की मौत की जानकारी नहीं दी है क्योंकि उनका उससे बेहद गहरा लगाव था।

ग्राउंड स्टाफ से शुरू हुआ सफर, एयर इंडिया तक
मनीषा का सपना एयर होस्टेस बनने का था। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत इंडिगो एयरलाइन्स में ग्राउंड स्टाफ के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने अकासा एयरलाइन्स में बतौर केबिन क्रू काम किया और फिर एयर इंडिया से जुड़ गईं। हाल के दिनों में वह लंदन और ऑस्ट्रेलिया जाने वाली उड़ानों में एयर होस्टेस के रूप में कार्यरत थीं।
कॉलेज में भी पसरा मातम, हुई प्रार्थना सभा
पटना के सैंट जेवियर्स कॉलेज ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी से बीबीई की पढ़ाई करने वाली मनीषा की असामयिक मौत से कॉलेज भी शोक में डूब गया। शनिवार को कॉलेज परिसर में मनीषा की याद में एक प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया जिसमें शिक्षक, छात्र और पूर्व छात्र शामिल हुए। सभी ने मनीषा को श्रद्धांजलि दी और उसके सपनों के अधूरे रह जाने पर दुख जताया।
