द फॉलोअप डेस्क
भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 मार्च को बिहार के राजगीर दौरे पर आएंगी। इस दौरान वे नालंदा विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। राष्ट्रपति बनने के बाद यह उनका पहला नालंदा दौरा होगा, जिससे इस कार्यक्रम की खास अहमियत और बढ़ गई है। राष्ट्रपति सबसे पहले विश्वविद्यालय परिसर पहुंचेंगी और दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करेंगी। अपने भाषण में वे युवाओं को भविष्य के लिए प्रेरित करेंगी। इस अवसर पर देश और विदेश के मेधावी छात्रों को गोल्ड मेडल और अन्य पुरस्कार भी दिए जाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन इस कार्यक्रम को यादगार बनाने में जुटे है। अतिथियों के बैठने, स्वागत और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। देश और विदेश से आने वाले शिक्षाविदों और विशिष्ट मेहमानों के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।
प्राचीन धरोहरों का दौरा दीक्षांत समारोह के बाद राष्ट्रपति नालंदा के प्राचीन भग्नावशेष का भी दौरा करेंगी। ये अवशेष यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल हैं और भारत की प्राचीन शिक्षा परंपरा का प्रतीक माना जाता हैं। इस दौरान वे इन ऐतिहासिक स्थलों के महत्व के बारे में जानकारी भी लेंगी। और प्रशाशन राष्ट्रपति की सुरक्षा को लेकर कड़ा इंतजाम रहेगा राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। राजगीर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। कार्यक्रम के दिन जगह-जगह पुलिस बल तैनात किये जाएंगे, ताकि यह आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।