बेतिया/सीतामढ़ी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को बिहार में जनसभाओं की श्रृंखला के दौरान चंपारण और मिथिला की धरती से एनडीए के विकास एजेंडे को रेखांकित किया और विपक्ष पर तीखा हमला बोला।
बेतिया की सभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि “बिहार ने सामाजिक न्याय की परिभाषा देश को दी है। अब बिहार समृद्ध भारत और विकसित भारत का नया उदाहरण बनेगा।” उन्होंने कहा कि एनडीए की विजय विकास की बड़ी ताकत बनेगी, और डबल इंजन सरकार ने अब तक जो काम किया है, उसका रोडमैप जनता के सामने रखा जा चुका है।
मोदी ने चंपारण की ऐतिहासिक भूमिका को याद करते हुए कहा, “चंपारण सत्याग्रह की ये धरती संकल्प की धरती है। आज जब हम विकसित बिहार का संकल्प लेकर चले हैं, तो चंपारण की भूमिका फिर से अहम हो गई है। बेतिया का ये जनसैलाब चंपारण का मूड बता रहा है।”

सीतामढ़ी की सभा में प्रधानमंत्री ने राज्य के मत्स्य उद्योग की प्रगति का जिक्र करते हुए कहा, “एक समय था जब बिहार दूसरे राज्यों से मछली मंगाता था, लेकिन एनडीए सरकार की नीतियों से अब बिहार दूसरे राज्यों को मछली भेज रहा है। ये हमारे मेहनती मछुआरों की ताकत है कि अब लोग बिहार का मॉडल देखने आ रहे हैं।”
राजद-कांग्रेस गठबंधन पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “ये लोग सिर्फ़ उद्योगों पर ताला लगाना जानते हैं। इनके 15 साल के जंगलराज में न तो कोई बड़ा कारखाना लगा और न ही कोई मेडिकल कॉलेज बना। मिथिला की मिलें बंद हो गईं, इसलिए इनके मुंह से विकास की बातें सुनना सफेद झूठ से ज़्यादा कुछ नहीं।” प्रधानमंत्री के बयानों से यह साफ है कि बिहार में एनडीए का चुनावी अभियान अब विकास और स्थिर शासन के एजेंडे पर केंद्रित हो गया है।
