दिल्ली
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने एक बार फिर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। बिहार विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की। इस अहम बैठक से पहले पवन सिंह ने राष्ट्रीय लोक मोर्चा प्रमुख और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा से भी मुलाकात कर आशीर्वाद लिया।
मुलाकातों के बाद पवन सिंह ने सोशल मीडिया पर एक बयान जारी कर जातिवादी राजनीति पर करारा प्रहार किया। उन्होंने लिखा – “जातिवादी राजनीति के पोषकों के दिल पे आज ई फोटो देख के सांप लोट रहा होगा। लेकिन जिनके दिल में विकसित बिहार का सपना बसता है, वो कब तक एक-दूसरे से दूर रह सकते हैं।” पवन सिंह ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन वाले बिहार को बनाने में वह अपनी पूरी ताकत लगा देंगे।

उपेंद्र कुशवाहा से भी मिल चुके हैं पवन सिंह
अमित शाह से मिलने से पहले पवन सिंह ने उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की, जहाँ बिहार बीजेपी प्रभारी विनोद तावड़े भी मौजूद रहे। तावड़े ने मीडिया को बताया कि पवन सिंह पहले भी बीजेपी में थे और आगे भी पार्टी के साथ रहेंगे। उन्होंने कहा, “पवन सिंह को उपेंद्र कुशवाहा ने आशीर्वाद दिया है, और वे आगामी चुनाव में बीजेपी कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहेंगे।”
तेज प्रताप यादव का तंज: "हर किसी के पैर में गिर रहे हैं"
पवन सिंह की इन मुलाकातों पर विपक्षी नेताओं की भी प्रतिक्रियाएं आई हैं। आरजेडी नेता तेज प्रताप यादव ने तंज कसते हुए कहा कि पवन सिंह लगातार किसी न किसी के पैर में गिरते नज़र आ रहे हैं। गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में पवन सिंह ने काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, जहाँ एनडीए प्रत्याशी उपेंद्र कुशवाहा मैदान में थे। पवन सिंह की वजह से वोटों का बंटवारा हुआ, जिसका फायदा सीपीआई (एम-एल) के राजा राम सिंह को मिला और उन्होंने कुशवाहा को बड़े अंतर से हराया। इसी कारण बीजेपी ने पवन सिंह को पार्टी से बाहर कर दिया था। अब एक बार फिर पवन सिंह की घरवापसी की अटकलें तेज हो गई हैं, और यह देखना दिलचस्प होगा कि आगामी चुनाव में वे क्या भूमिका निभाते हैं।
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