द फॉलोअप, बिहार
देशभर में आज ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के आह्वान पर मेडिकल स्टोर और केमिस्ट दुकानों की हड़ताल का असर दिखाई दे रहा है। बिहार में लगभग 40 हजार दवा दुकानें बंद हैं, जिससे दवा बाजार में सन्नाटा पसरा है। पटना की सबसे बड़ी दवा मंडी में भी जीएम रोड में दुकानों के ताले नहीं खुले हैं।

भारतीय जन औषधि केंद्र रहेंगे खुले
सूत्रों के मुताबिक, इस बंदी से राज्य में करीब 30 लाख रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ, जबकि सरकार को लगभग 1.5 लाख रुपये टैक्स राजस्व के नुकसान की बात कही जा रही है। वहीं दिल्ली में करीब 15 हजार दुकानें बंद हैं। बताया जा रहा है कि आज देशभर के 15 लाख से अधिक दुकानें बंद रह सकते हैं। हालांकि इसमें राहत की बात यह कि इस दौरान प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र की दुकानें खुली रहेंगी, जबकि बाकी सभी निजी मेडिकल स्टोर पूरी तरह से बंद रहेंगे।

संगठन का आरोप
संगठन का आरोप है कि ऑनलाइन दवा बिक्री अब अनियंत्रित बाजार बन चुकी है, जहां नकली, एक्सपायरी और बिना निगरानी वाली दवाओं के वितरण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। दवा कारोबारियों का कहना है कि ऑनलाइन कंपनियां भारी छूट देकर छोटे दुकानदारों की रोजी-रोटी पर सीधा प्रहार कर रही हैं। यह स्थिति धीरे-धीरे कॉरपोरेट बनाम लोकल व्यापार की जंग का रूप लेती जा रही है। संगठन द्वारा ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त पाबंदी लगाने और पारदर्शी नियम लागू करने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक वो आंदोलन जारी रखेंगे।