रांची:
Ranchi News: दुर्गा पूजा (Durga Puja) के दौरान पंडालों (Pandal) में स्वच्छता (Cleanliness) बनाए रखने और श्रद्धालुओं (Devotees) की सुरक्षा (Safety) सुनिश्चित करने के लिए स्वच्छ एवं सुरक्षित दुर्गा पूजा पंडाल प्रतियोगिता (Clean and Safe Durga Puja Pandal Competition) आयोजित की जाएगी। नगर विकास एवं आवास विभाग (Urban Development and Housing Department) की पहल पर राज्य के सभी नगर निकायों (Urban Local Bodies) में स्वच्छ और सुरक्षित पूजा आयोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से यह प्रतियोगिता (Competition) कराई जा रही है। इसका आयोजन अलग-अलग नगर निकाय अपने स्तर पर करेंगे। पूजा पंडालों का मूल्यांकन (Evaluation) प्रथम पूजा (रविवार) से लेकर प्रतिमा विसर्जन (Idol Immersion) पूरा होने तक किया जाएगा। इसके लिए संबंधित नगर निकायों की ओर से टीम या समिति (Committee) गठित की जाएगी। साहिबगंज नगर परिषद (Sahibganj Municipal Council) ने इस संबंध में आम सूचना (Public Notice) जारी कर दी है।

स्वच्छता और सुरक्षा के लिए 10 मापदंड निर्धारित
प्रतियोगिता में कुल 100 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत 10 अलग-अलग मापदंड होंगे और प्रत्येक मापदंड के लिए 10 अंक मिलेंगे। इनमें पूजा पंडाल और परिसर की साफ-सफाई, हरे और नीले कूड़ेदान की व्यवस्था तथा श्रद्धालुओं के बीच स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाना शामिल है। पंडालों में स्वच्छता का संदेश देने और कचरे को निर्धारित स्थान पर जमा करने की व्यवस्था का भी आकलन किया जाएगा।
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प्रसाद वितरण में सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक
स्वच्छता से जुड़े अन्य मापदंडों में प्रसाद वितरण के लिए कागज, पत्ते या दूसरी जैविक रूप से नष्ट होने वाली सामग्रियों का इस्तेमाल शामिल है। वहीं, सिंगल यूज प्लास्टिक के उपयोग को प्रतिबंधित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पूजा के दौरान निकलने वाले कचरे को कम करना और पर्यावरण को स्वच्छ बनाए रखना है।
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अग्निशमन उपकरण और सीसीटीवी की होगी जांच
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पंडालों में अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम होने चाहिए। इसके तहत बालू, पानी से भरे ड्रम और गीले कंबल जैसी व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके अलावा पर्याप्त संख्या में सीसीटीवी कैमरे, नियंत्रण कक्ष, आपातकालीन नंबर का प्रदर्शन, हेल्प डेस्क और माइकिंग की व्यवस्था भी जांच के दायरे में रहेगी। पंडाल में उचित वेंटिलेशन और प्राथमिक उपचार के लिए फर्स्ट एड किट की उपलब्धता को भी अंक दिए जाएंगे।
महिला-पुरुष के लिए अलग प्रवेश और निकास की व्यवस्था
भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पंडाल में महिलाओं और पुरुषों के प्रवेश एवं निकास की अलग-अलग बैरिकेडिंग, पार्किंग की उचित व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती भी मूल्यांकन का हिस्सा होगी। इसके साथ ही पंडाल और आसपास पर्याप्त रोशनी, बिजली के शॉर्ट सर्किट से बचाव के उपाय, प्रतिमा विसर्जन के दौरान अनुशासन और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुपालन को भी देखा जाएगा।
कचरे के निपटान में पूजा समितियों और नागरिकों की भागीदारी जरूरी
साहिबगंज नगर परिषद की ओर से जारी आम सूचना के अनुसार, दुर्गा पूजा के दौरान पूजन सामग्री, श्रद्धालुओं की भीड़ और पंडालों के आसपास बड़ी मात्रा में ठोस एवं गीला कचरा निकलता है। इसके उचित निपटान की जिम्मेदारी केवल नगर प्रशासन की नहीं, बल्कि आम नागरिकों और पूजा समितियों की भी है। सभी के सहयोग से ही पूजा के दौरान उत्पन्न कचरे का सही तरीके से निपटान किया जा सकता है।
स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित पूजा आयोजन पर जोर
नगर निकायों की ओर से प्रतियोगिता शुरू करने का उद्देश्य पूजा समितियों और आयोजकों को स्वच्छता एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करना और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है। साहिबगंज नगर परिषद ने आम लोगों और पूजा समितियों से अपील की है कि वे कचरे का उचित निपटान करें, सुरक्षा मानकों का पालन करें और स्वच्छ, सुंदर एवं सुरक्षित दुर्गा पूजा आयोजन में सहयोग दें।