उन्होंने चापाकलों, कुओं और जल मीनारों की स्थिति देखी. उन्हें ग्रामीणों ने कहा कि कई चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं, जबकि कुछ में काफी मेहनत के बाद बहुत कम पानी निकलता है. ऐसे में डीसी ने खुद चापाकल चलाकर पानी के स्तर की जांच की.