उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा करने वाली केंद्र सरकार ने इस बजट में खेती, किसान, खाद्य सुरक्षा, मज़दूर और सिंचाई जैसे बुनियादी मुद्दों का ज़िक्र तक नहीं किया है। यह बजट पूरी तरह किसान-विरोधी और जनविरोधी है।