चैंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, एमएसएमई और कौशल विकास पर जोर सराहनीय है, लेकिन उद्योगों के लिए पूंजीगत निवेश, ब्याज सब्सिडी, तकनीकी उन्नयन और क्लस्टर विकास हेतु अधिक बजटीय प्रावधान अपेक्षित थे। मैन्युफैक्चरिंग, फूड प्रोसे
झारखंड में MSME (सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग) के क्षेत्र में एक चौंकाने वाला बदलाव देखने को मिला है। स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी के आंकड़ों के अनुसार, सूक्ष्म और लघु उद्योगों की संख्या में कमी आई है।