जेल की ऊंची दीवारों के भीतर अब सिर्फ सजा नहीं, सृजन की कहानी भी लिखी जा रही है। झारखंड की विभिन्न जेलों में बंद महिला कैदियों के हाथों से बने आर्टिफिशियल गजरे अब मुंबई के बाजारों में अपनी खुशबू बिखेरने को तैयार हैं।