झारखंड में कोयला खनन के बाद खाली पड़ी लगभग 45,000 हेक्टेयर भूमि के दोबारा इस्तेमाल की दिशा में बड़ा रोडमैप तैयार किया जा रहा है। यह पहल न सिर्फ राज्य की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है, बल्कि भारत के नेट-ज़ीरो कार्बन लक्ष्य को हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाए