द फॉलोअप स्पोर्ट्स डेस्क:
दलीप ट्रॉफी-2026 में साउथ जोन के खिलाफ एक बड़ी जीत के साथ ईस्ट जोन को खिताब दिलाने वाले ईशान किशन ने कहा कि वह अब अधिक शांत, सयंमित और परिपक्व बन गए हैं। ईशान किशन ने फाइनल मुकाबले के बाद कहा कि टीम इंडिया से ड्रॉप होने और फिर वापसी करने के बीच उनमें खेल में और अधिक गहराई से शामिल होने की समझ विकसित हुई है। वह परिस्थितियों की अहमियत को ज्यादा बेहतर ढंग से समझते हैं। गौरतलब है कि 2023 में वर्ल्ड कप में अपना आखिरी वनडे मुकाबला खेलने के बाद ईशान किशन टीम इंडिया से ड्रॉप हो गए थे। दरअसल, उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के बीच से आराम मांग लिया था और कहा जाता है कि मैनेजमेंट इस बात से नाराज हो गया।

साथी खिलाड़ियों की मदद करने का प्रयास
ईशान किशन ने कहा कि वह अब मैच के दौरान बतौर लीडर यह सुनिश्चित करने का प्रयास करते हैं कि खिलाड़ी एक दूसरे का खयाल रखें और प्रत्येक गेंद पर साथी खिलाड़ियों की सहायता करने का प्रयास करते हैं। ईशान किशन ने कहा कि मैं नहीं चाहता कि मेरी टीम का कोई खिलाड़ी उन्हीं परिस्थितियों में पहुंच जाए, जहां से मैं गुजर चुका हूं। ईशान किशन ने कहा कि मैं टीम के सभी खिलाड़ियों की मदद करने का प्रयास करता हूं और ज्यादा इन्वॉल्व होता हूं।

टीम से ड्रॉप होना एक लर्निग प्रोसेस
उन्होंने कहा कि टीम इंडिया से ड्रॉप होना उनके लिए लर्निंग प्रोसेस रहा। उनको अच्छा समय मिला ताकि वह खुद को थोड़ा बदल सकें। ईशान किशन ने कहा कि मैं अब पहले से ज्यादा शांत, स्थितियों के प्रति अधिक सजग हूं और प्रदर्शन करने की भूख बढ़ी है। उन्होंने कहा कि वह टीम के लिए अपना सर्वस्व देना चाहते हैं और टीम को जीत दिलाना चाहते हैं।