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IPL-2022 : मैट्रिक-इंटर की परीक्षा के साथ टकरा रहा IPL-2022 का शेड्यूल, क्या चुनेंगे विद्यार्थी! 

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रांची: 

झारखंड में मैट्रिक-इंटर की परीक्षाओं कि घोषणा हो चुकी है। JAC की ओर से रूटीन भी जारी कर दिया गया है। कुछ दिन पहले ही सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) ने 10वीं और 12वीं की परीक्षा ऑनलाईन कराने के लिए दायर कि गई याचिका को रद्द कर दिया गया। अब सभी परीक्षाएं ऑफलाईन ही आयोजित की जाएंगी। अब मुश्किल ये है कि बोर्ड परीक्षा की तारीखों के साथ इंडियन प्रीमियर लीग की ताराखें टकरा रही हैं। आईपीएल का युवाओं में काफी क्रेज होता है। इस दौरान परीक्षा का आयोजन निश्चित रूप से थोड़ा असहज करने वाली स्थिति होगी। 

बोर्ड परीक्षा से टकरा रहा आईपीएल का शेड्यूल
झारखंड में बोर्ड की परीक्षा 24 मार्च से 25 अप्रैल तक होगी। आईपीएल भी 26 मार्च से शुरू होना है। ऐसे में, जो भी युवा विद्यार्थी इंडियन प्रीमियर लीग को पसंद करते हैं। मैच देखते हैं, उनके लिए थोड़ा मुश्किल होगा कि वे ऐसे हालात में क्या चुनें। कई तारीखें ऐसी हैं जब परीक्षा वाले दिन ही मैच होंगे। हालांकि, जाहिर है कि बोर्ड परीक्षाएं प्राथमिकता में रहेंगी। इसके बावजूद क्रिकेट के फैंस के लिए थोड़ा मुश्किल रहेगा। यदि, बीसीसीआई को स्टेडियम में दर्शकों को लाने की मंजूरी मिलती है तो क्रिकेट फैंस विद्यार्थियों को और भी मुश्किल होगी क्योंकि वे मैच देखने नहीं जा सकते। 

विद्यार्थी ऑफलाइन परीक्षा कराने के पक्ष में हैं
विद्यार्थियों की इस पर अलग-अलग राय है। कुछ विद्यार्थियों का मानना है कि परीक्षा को आगे की तारीखों के लिए टाल देना चाहिए या फिर परीक्षा ऑनलाइन ही आयोजित की जानी चाहिए। कई विद्यार्थियों का कहना है कि सिलेबस पूरा नहीं हुआ है। जितनी भी पढ़ाई हुई है वो ऑनलाइन ही हुई है। पाठ्यक्रम को समझने में भी मुश्किलें आई हैं। ऐसी स्थिति में ऑफलाइन परीक्षा लेना न्यायोचित नहीं होगा। कई विद्यार्थियों का कहना है कि हमें आईपीएल बहुत पसंद है। हमें समझ नहीं आ रहा है कि बोर्ड परीक्षा और टूर्नामेंट के बीच हम क्या चुनें। हमें मैच को ही मिस करना होगा। 

इन विद्यार्थियों की पहली प्राथमिकता बोर्ड परीक्षा है
कई विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा हमारा भविष्य तय करती है। हमें ये समझना होगा कि हमारी प्राथमिकता क्या है। आईपीएल अगले साल भी देख सकते हैं। यदि बोर्ड परीक्षा में फेल हो गए तो भविष्य दांव पर लग जाएगा। हम लोग ऐसा कतई नहीं चाहते। बोर्ड की परीक्षायें हमारी पहली प्राथमिकता है। हम लोग उसी पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।