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Corona Vaccine: बाकी वैक्सीन से कितना अलग है zydus cadilla का Zycov-D, जानिए! इसमें क्या है खास

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द फॉलोअप टीम, दिल्ली; 

अहमदाबाद की दवा निर्माता कंपनी जायडस कैडिला ने कोरोना वैक्सीन जायकोव-डी को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देने के लिए ड्रग कंट्रोल जनरल ऑफ इंडिया को चिट्ठी लिखी है। यदि इस टीका को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिलती है तो भारत के पास कोरोना की रोकथाम के लिए पांच टीका उपलब्ध होगा। भारत में अब तक कोविशील्ड, कोवैक्सीन, स्पूतनिक-वी और मॉर्डना को आपात इस्तेमाल की मंजूरी मिल चुकी है। ये पांचवी वैक्सीन होगी। 

जायकोव-डी बाकी वैक्सीन से अलग होगी
मिली जानकारी के मुताबिक जायडस कैडिला की जायकोव-डी वैक्सीन बाकी वैक्सीन के मुकाबले कई मायनों में अलग होगी। पहली बात तो ये है कि इस टीका का इस्तेमाल 12 से 18 साल की आयु वर्ग के बच्चों में भी किया जा सकता है। ये बच्चों के लिए सुरक्षित वैक्सीन है। भारत में विकसित बच्चों के लिए ये पहली वैक्सीन है। इस वैक्सीन का परीक्षण कोरोना महामारी की दूसरी लहर के दौरान किया गया और इसे कोरोना वायरस की डेल्टा वैरिएंट के खिलाफ कारगर पाया गया। ये पहला वैक्सीन है जिसे सीरिंज के जरिए नहीं दिया जाएगा। 

जायकोव-डी वैक्सीन की तीन खुराक लेनी होगी
कंपनी के मुताबिक इस वैक्सीन की तीन खुराक लेनी है। प्रत्येक खुराक में तीन मिलीग्राम दवा दी जायेगी। इस वैक्सीन को देने के लिए सीरिंज-सुई की आवश्यक्ता नहीं होगी। इस वैक्सीन को सामान्य तापमान यानी 25 डिग्री सेल्सियस में भी तीन महीने तक सुरक्षित रखा जा सकता है। परिवहन और भंडारणके लिए फ्रिज केइंतजाम की जरूरत नहीं होगी। ऐसा होने से वैक्सीन की बर्बादी भी नहीं होगी जोकि बीते दिनों में काफी चर्चित मुद्दा रही है। 

28 हजार लोगों पर किया गया वैक्सीन का ट्रायल
कैडिला हेल्थकेयर के मैनेजिंग डायरेक्टर शार्विल पटेल ने कहा कि वैक्सीन का ट्रायल 28 हजार लोगों पर किया गया। दूसरे और तीसरे चरण के प्रशिक्षण में वैक्सीन को 66.6 फीसदी तक प्रभावी पाया गया। अंतर्राष्ट्रीय मानकों के मुताबिक आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी किसी वैक्सीन को तभी दी जाती है जब वो 50 फीसदी से ज्यादा प्रभावी पाया जाये। कहा जा रहा है कि जायडस कैडिला का परीक्षण सबसे ज्यादा व्यापक रहा। 28 हजार लोगों ने भाग लिया।