द फॉलोअप टीम, गढ़वा:
डंडई प्रखंड क्षेत्र के जरही हाई स्कूल के पास गर्भवती महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। ये विरोध प्रदर्शन आंगनबाड़ी केंद्र द्वारा मिले सड़े पोषाहार की वजह से किया गया। विरोध कर रही महिलाओं ने बताया कि एक तरफ सरकार गर्भवती और धात्री महिलाओं को उनका सेहत को ध्यान में रखकर पोषाहार उपलब्ध करा रही है। तो दूसरी तरफ जेएसएलपीएस सड़ा हुआ पोषाहार दे रहा है, जो खाने योग्य नहीं है। यह जानलेवा है। ये दुर्भाग्यपूर्ण है।

ये खाद्य सामग्री मिलती है महिलाओं को
महिलाओं ने बताया कि कई महीनों पहले उन्हें पोषाहार में अलग-अलग खाद्य सामग्री मिलती थी लेकिन अब सिर्फ 800 ग्राम चावल 400 ग्राम दाल तथा 1 किलो आलू मिलता है। वो भी अब सड़ा हुआ मिलने लगा है। पोषाहार की जहां पैकिंग हो रही है, वहां शायद कोई भी अधिकारी जांच करने नहीं पहुंचते हैं, इसलिए सड़ा हुआ खाद्यान्न सामग्री पैक कर आंगनबाड़ी को उपलब्ध करा दे रहे हैं। मामला उजागर होने पर बीडीसी संदीप कुमार ने समस्याओं का जायजा लिया।

सड़ा अनाज गर्भस्थ शिशु के लिए खतरा
बीडीसी संदीप कुमार ने पाया कि खाद्यान्न सामग्री लगभग 50 फीसदी सड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि इसकी शिकायत की जाएगी। महिलाओं का कहना है कि अगर यह हम खा लेते तो हमारे गर्भस्थ शिशु की जान को खतरा हो जाता। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। आंगनवाड़ी सेविका ने बताया कि पोषाहार पैक करके दिया जाता है। हम उस पैक पैकेट को ही महिलाओं के बीच बांट देते है। वहीं जेएसएलपीएस के बीपीएम कुंदन भगत ने बताया कि 10 दिन पहले ही खाद्यान्न सामग्री दी गई थी,लेकिन आंगनबाड़ी सेविकाओं ने बांटने में देरी की।