द फॉलोअप टीम, रांची
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंतियों पर शुक्रवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में उन्हें श्रद्धांजलि दी गयी। बापू-शास्त्री की जयंतियों के मौके पर उस फोर्ड कार को भी कांग्रेस मुख्यालय लाया गया, जिस कार पर सवार होकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी 1940 में कांग्रेस के रामगढ़ अधिवेशन में शामिल होने के लिए गये थे।
फोर्ड कार से गांधी-शास्त्री रामगढ़ गए थे
उल्लेखनीय है कि रामगढ़ अधिवेशन में शामिल होने गांधी जी इसी फोर्ड कार से पहुंचे थे। बापू कुछ देर के लिए रांची स्थित राय साहेब लक्ष्मी नारायण जी के आवास पर स्थित बापू कुटीर में भी कुछ देर विश्राम करने के लिए रूके थे और फिर उनके फोर्ड कार से पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के साथ रामगढ़ अधिवेशन में भाग लेने पहुंचे थे। इस फोर्ड कार को झारखंड प्रोफेशनल कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष आदित्य विक्रम जायसवाल आज भी संभाल कर सुरक्षित रखे हुए है। वे आज इसी कार से कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे।
मंत्री डॉ. उरांव ने गांधी-शास्त्री को नमन किया
इसके पूर्व कांग्रेस भवन में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में महान नेताओं को पुष्प अर्पित करने के उपरांत प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव ने राष्ट्रपिता को नमन करते हुए कहा कि जिन्हें राष्ट्र आज महात्मा गांधी के नाम से जानता है, वह भारत और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनकी सादगी और दृढ़ इच्छाशक्ति ने भारत को दुनिया में अलग पहचान दिलायी।
गांधी के विचारों को आगे बढ़ाना है : केशव महतो कमलेश
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के कार्यकारी अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि बापू ने भारत को आजादी दिलाकर पूरी दुनिया में जनता के नागरिक अधिकारों और स्वतंत्रता के प्रति आंदोलन के लिए प्रेरित किया। हमें गांधी जी के विचारों को आगे बढ़ाना है और आत्मसात करके आगे बढ़ना है।
शास्त्री जी की सादगी के कई किस्से हैं: आलोक दूबे
प्रदेश कांग्रेस कमिटी के प्रवक्ता आलोक कुमार दूबे ने कहा कि सुभाष चंद्र बोस ने 6 जुलाई 1944 को रंगून रेडियो से गांधीजी के नाम जारी प्रसारण में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर संबोधित करते हुए आजाद हिन्द फौज के सैनिकों के लिए उनका आशीर्वाद और शुभकामनाएं मांगी थी। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी के जीवन की सादगी देश के हर नेता के लिए उदाहरण रही। उनकी जिन्दगी से जुड़े कई ऐसे किस्सों को भुलाया नहीं जा सकता।